मौसम की मार ! मूंग की फसल पर इल्ली अटैक

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अनोखा तीर, हरदा। खेतों में इनदिनों लहलहा रही ग्रीष्मकालीन मूंग भर शबाब पर है। जिसका पौधा भरपूर फूल एवं फल पर चल रहा है। किसानों की एक तिहाई मेहनत के बाद मानों मूंग की फसल अपने उत्पादन के काफी नजदीक है। ऐसे में किसानों को ओर ज्यादा सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। साथ ही नियमित भ्रमण एवं पौधों को थोड़ा हिलाकर देख लें। क्योंकि, नजर हटी की दुर्घटना घटी की तर्ज पर फिर नुकसानी से जूझना तय है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को सामने आया है। जब, शहरी सीमा में नहालखेड़ा रोड स्थित एक खेत में इल्लियों की मार देखने को मिली है। जिसके चलते खेत की सूरत ही बदल गई है। मूंग के पत्ते छन्नी व मुरझायें हुए दिखे। वहीं फूलों को खासा नुकसान पहुंचा है। यही फूल आगे चलकर फली में तब्दील होते। परंतु इसे अब मौसम की मार कहें या देखरेख की कमी, जो भी हो मगर वर्तमान में किसान मुकेश राठौर की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिसके बाद शाम को दवाओं का छिड़काव किया है। बावजूद मूंग के पौधों पर बड़ी-बड़ी इल्लियां साफ दिखाई दे रही हैं। जिन पर नियंत्रण पाना फिलहाल किसान के लिये चुनौती बना हुआ है।

आसपास की फसलें सुरक्षित

बता दें कि जिस किसान के खेत में इल्लियों की मार देखने को मिली, उसके आसपास के खेतों में मूंग सुरक्षित नजर आई है। बावजूद एहतियात के तौर पर कई खेतों में किसान दवा का छिड़काव करते दिखे, वहीं कुछ किसान आज-कल में छिड़काव करेंगे। इतना ही नही, फसल के अंतिम चरण में उसकी देखरेख बढ़ गई है।

असमंजस्य में प्रभावित किसान

प्रभावित किसान मुकेश राठौर के मुताबिक उन्हें आभास तक नही हुआ और इतना कुछ नुकसान हो गया। जबकि कुछ दिन पहले ही दवा का स्प्रे किया था। परंतु खेत के ऊपरी टुकड़ों में इल्लियों ने देखते ही देखते भारी नुकसान कर दिया। अब इसे मौसम की मार कहें या साल संभाल में कोई कमी माने। इसको लेकर किसान असमंजस्य में है।

नियमित भ्रमण एवं सतर्कता जरूरी

इस संबंध में उपसंचालक कृषि एमपीएस चन्द्रावत ने बताया कि लगातार बादल छाना तथा तापमान बढ़ने से ऐसी स्थिति बनना संभव है। इसके लिये जरूरी है कि किसान सतर्क रहें, वहीं खेतों का नियमित भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए रखें। उन्होंनें यह भी कहा कि इल्लियों से निजात पाने के लिये उसे बाल अवस्था में यानि अंडे देते वक्त या उससे पहले दवा के माध्यम से उनकी रोकथाम आवश्यक है। इल्ली की अधिकता को समझने के लिये एक मीटर के अंतराल में दो से तीन इल्लियां दिखाईं दें तो तुरंत छिड़काव करें। साथ ही अधिक जानकारी के लिये कृषि विभाग की मैदानी टीम तथा कृषि वैज्ञानिकों से भी संपर्क कर सकते हैं।

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