अनोखा तीर, बड़वाह। क्षेत्र में कई कॉलोनियों ऐसी काटी गई, जो शासन के नियम के बिल्कुल विपरीत है। कालोनियों में मूलभूत सुविधाओं का आज भी अभाव है तो कुछ कालोनिया गलत तरीके से नपा व पंचायत में हैंडओवर होकर विकास की बाट जोह रही है। जिसके कारण प्लाट धारक अपने आप को ठगा-सा महसूस कर रहे हैं। शहर के आदर्श नगर, इंद्रपुरी, वार्को सिटी कॉलोनी के प्लाट धारकों को तो गहरी ठेस पहुंची है, क्योंकि कलेक्टर ने इन कालोनियों को अवैध करार दिया है। इन कॉलोनियों के संबंधित कॉलोनाइजर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए नगर पालिका सीएमओ कुशल सिंह डुडवे द्वारा स्थानीय थाने पर एक पत्र भी भेजा है। हालांकि इस पत्र से टीआई जगदीश गोयल खफा हो गए हैं। क्योंकि इस पत्र में केवल कॉलोनियों के नाम व उनके कॉलोनाइजर के नाम का ही उल्लेख थे। कॉलोनी सबंधित एक भी पुख्ता दस्तावेज संलग्न नहीं थे। नहीं जांच के उपरांत किसी वरिष्ठ अधिकारी के शिकायत दर्ज करने के आदेश थे। जिसके चलते नपा के इस पत्र को लेकर टीआई ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि ऐसे ही नहीं कार्रवाई हो जाती है। साथ ही टीआई ने नगर पालिका के मुख्य अधिकारी से कॉलोनियों के संबंधित में दस्तावेज, विभागीय जांच रिपोर्ट और वरिष्ठ अधिकारी द्वारा कॉलोनाइजर के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का आदेश की प्रतिलिपि भेजने की बात कही। वहीं नियमानुसार कार्रवाई करने की स्पष्ट मंशा जाहिर की। टीआई ने बताया कि नपा द्वारा शिकायत संबंधित एक पत्र मिला था। जिसके साथ कोई भी आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं थे, जो विभाग से मांगे गए हैं।
चार कॉलोनी ही मिली अवैध
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में कई ऐसी कॉलोनियां काटी है, जो नियम विरुद्ध है। लेकिन विभागीय जांच में चार कॉलोनी ही अवैध पाई गई है। अन्य कालोनियां विभागीय दृष्टि से दूर है। जबकि कई कॉलोनी में नियमों की धज्जियां उड़ी हुई है। चार कालोनियों के अवैध घोषित होने के बारे में नपा सीएमओ ने बताया कि मप्र नगर पालिका कॉलोनी विकास निगम 2021 के नियम 23(4) के तहत 31 दिसंबर 2016 के पूर्व की अवैध कॉलोनियों को कलेक्टर के निर्देश पर चिन्हित किया गया। जिसके तहत नगर की चार कॉलोनीया अवैध की श्रेणी में शामिल हुई है। इसमें इंदौर रोड स्थित आदर्श कॉलोनी के अलग-अलग कालोनी मालिकों के हिस्से शामिल होने के साथ ही वार्को सिटी, इंद्रपुरी कालोनी शामिल है। सीएमओ ने बताया कि जब नपा द्वारा सर्वे कराया गया तो पता चला की टीएनसी द्वारा एप्रूवल किए गए प्लान के आधार पर कालोनिया विकसित नहीं की गई है। कुछ कालोनी में मुलभूत सुविधाओं का आज भी अभाव है। जहां कालोनियों में सीवरेज, ओवरहेड टैंक, रोड, स्ट्रीट लाईट इनके बिना ही कालोनी बनाकर प्लाट बेच दिए गए हैं।
लेआउट प्लान को करना होगा फॉलो
सीएमओ ने बताया कि अवैध कालोनियों को वैध करने की सरकार की योजना है। हालांकि इसके लिए कुछ कंडीशन अभी है। सरकार एक कन्सल्टेंट नियुक्त कर रही है। जिनके द्वारा अवैध कालोनी का लेआउट प्लान को फॉलो करना होगा। कालोनी में पार्क की कौन सी जगह, सड़क के लिए कितनी जगह, सीवरेज टैंक जैसी अन्य जितनी भी समुचित व्यवस्थाएं एक कालोनी में पूर्ण होनी चाहिए। उसको लेकर प्लानिंग की जाएगी। जबकि इस मामले में कालोनीनाईजर को नोटिस देकर विकास कार्यों के लिए राशि जमा करने को तलब किया जाएगा। कार्य पूर्ण होने के बाद कलेक्टर द्वारा कालोनी को पूर्णता का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। जिसके आधार पर अवैध कालोनी वैध में तब्दील हो जाएगी।
Views Today: 2
Total Views: 170

