जल जीवन मिशन अंतर्गत नलजल योजनाओं के गलत प्रमाणीकरण पर होगी कार्रवाई

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जिले के प्रभारी एवं स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) तथा सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि जल जीवन मिशन अंतर्गत निर्मित की जा रही नलजल योजनाओं में गुणवत्ता का पूर्ण ध्यान रखा जाए। कोई भी ग्राम पंचायत नल जल योजनाओं की पूर्णता का गलत प्रमाण पत्र न दें। ऐसा करने पर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ग्रीष्मकाल के दौरान किसी भी क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता में दिक्कत नहीं आना चाहिए। बैठक में उन्होंने बरसात के पूर्व स्कूल भवनों एवं छात्रावासों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि निर्माण विभागों अंतर्गत संचालित कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो, यह निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारी सुनिश्चित करें। बैठक में सांसद  डीडी उइके, विधायक आमला डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक घोड़ाडोंगरी  ब्रह्मा भलावी, पूर्व विधायक तथा जिला योजना समिति के सदस्य  हेमंत खंडेलवाल एवं  मंगल सिंह धुर्वे, समिति सदस्य एवं जिला भाजपा अध्यक्ष  आदित्य शुक्ला, समिति के सदस्यगण सहित कलेक्टर  अमनबीर सिंह बैंस, पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ चौधरी, सीईओ जिला पंचायत  अभिलाष मिश्रा एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत निर्मित की जा रही नल जल योजनाओं की गुणवत्ता के संबंध में शिकायतें मिलने पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि ऐसे स्थान चिन्हित कर निरीक्षण करें, जहां कार्य पूरा नहीं हुआ है अथवा अधूरा है। साथ ही ऐसे स्थानों का भी निरीक्षण किया जाए जहां ठेकेदारों द्वारा सीसी सडक़ें खोद दी गई हैं एवं उनकी मरम्मत नहीं की गई है। दोनों स्थितियों में तत्परता से आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य करवाया जाए। बैठक में प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद स्तर पर जनप्रतिनिधियों के साथ जलजीवन मिशन की नल जल योजनाओं के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई खामियों की जानकारी मिलती है तो उनका तत्परता से निराकरण किया जाए। पूर्ण नल जल योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही न हो। जो पंचायतें नल-जल योजनाओं की पूर्णता के संबंध में गलत प्रमाणीकरण करेंगीं, उनमें जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिले में जल निगम अंतर्गत संचालित जल प्रदाय योजनाओं की भी समीक्षा की गई। साथ ही कहा गया कि इन जल प्रदाय योजनाओं के कार्य क्षेत्र की पुनर्संरचना कर निकट के गांव वाले ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि स्कूलों एवं छात्रावासों के भवनों की मरम्मत के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है। मरम्मत का कार्य समय सीमा में पूर्ण कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बरसात के दौरान किसी भी स्कूल अथवा छात्रावास की छतों में रिसाव न हो। उन्होंने सीएम राइज स्कूलों का कार्य भी अपेक्षित गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रभारी मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 9200 स्कूलों का सीएम राइज/पीएमश्री योजना में चयन किया जा रहा है। इन स्कूलों में प्ले स्कूल के रूप में बाल वाटिका तैयार की जाएगी एवं छोटे बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा पद्धति से पढ़ाया जाएगा। प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा/जनजातीय भाषा में प्रदाय करने के लिए पुस्तकें तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीएम राइज स्कूलों में संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी। साथ ही इनको सर्वसुविधा संपन्न बनाया जाएगा। सभी स्कूलों में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में भी प्रदेश में उत्तरोत्तर प्रगति की जा रही है। स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों के निर्माण कराए जा रहे हैं। किसी भी स्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं में कमी नहीं आने दी जाएगी। बैठक में जल संसाधन विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने पारसडोह परियोजना अंतर्गत अनुमोदित डिजाइन एवं ड्राइंग अनुसार कनेक्शन दिए जाने के संबंध में समिति गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने विभाग के कार्यपालन यंत्री को पूर्ण कार्यों का लोकार्पण कराने हेतु भी पाबंद किया।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान अपूर्ण कार्यों की स्थिति पर आपत्ति व्यक्त करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि अपूर्ण कार्य शीघ्रता से पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के कार्यों के संबंध में पारदर्शिता रखे जाने के विभाग के महाप्रबंधक को निर्देश दिए। बैठक में सहकारी विभाग की समीक्षा के दौरान सहकारी समितियों के कार्यक्षेत्र का पुन: परिसीमन करने की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। बैठक में खाद्य, नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना एवं ऊर्जा विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई।

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