अनोखा तीर, हरदा। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने सोमवार को निकटवर्ती ग्राम पंचायत बूंदडा में पंचायत राज दिवस के अवसर पर संवाद कार्यक्रम हुआ। जिसमें आरजीपीआरएस सहित कांग्रेस के पदाधिकारी व स्थानीय त्रिस्तरीय पंचायत के जनप्रतिनिधियों का समागम हुआ। इस मौके पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत टाले ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने ग्राम स्वराज का स्वप्न देखा था, जो गांव तथा ग्रामवासियों को उनके हक-अधिकार लेस करता है। परंतु राज्य में इतने सालों से भाजपा की सरकार होने के बावजूद ग्राम स्वराज की अवधारणा को मूर्तरूप नही दिया जा सका। यही गांव एवं ग्रामीणों मूलभूत तथा ढ़ाचागत विकास कार्यो से दूर रखे हुयें है। श्री टाले ने ग्रामीणों को बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पंचायती राज लागू करने के पक्षधर थे। कृत संकल्पित रहे। इस उद्देश्य के साथ कि गांव की सरकार गांव के हाथों में होनी चाहियें। इस दिशा में 73 वां और 74 वां संविधान संसोधन इसका ज्वलंत उदाहरण है। त्रि-स्तरीय पंचायती राज अंतर्गत निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जो अधिकार वर्ष 1993 से लेकर वर्ष 2003 के मध्य मिले थे। वे सारे अधिकार समाप्त कर दिए गए हैं। पंचायती राज दिवस के मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधि तथा गणमान्यजनों की मौजूदगी में ये संकल्प दोहराया कि पंचायती राज को पुन: अधिकार संपन्न बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेंगे। यही प्रयास पंचायती राज की सच्ची कल्पनाओं को सकारात्मक बल देगा। अंत में आरजीपीआरएस के पदाधिकारियों ने ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए उनकी सहभागिता को ग्राम स्वराज की दिशा में बेहतर कदम करार दिया। इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा, जनपद सदस्य अजय पाटिल एवं रामनारायण निमारे ने भी अपने-अपने विचार रखे। इस दौरान बून्दडा सरपंच सीमा रामनिवास, बालागांव सरपंच क्षमाबाई शंकरलाल, धुरगाड़ा सरपंच सुनील गहाटे, देवेंद्र बिजगावने, कैलाश गिनारे, हरिप्रसाद गुर्जर, पूनम भायरे, सुनील पालीवाल, अंतराम बिजगावने सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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