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Tuesday, 13 October 2026
हरदा

कोर्ट का फैसला….   पति-पत्नी को आजीवन कारावास की सजा

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अनोखा तीर, हरदा। युवती का अपहरण तथा बाद में उसकी हत्या कर देने के मामले में श्रीमान न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट ने बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी पति-पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण में शासन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी आशाराम रोहित ने पैरवी की। श्री रोहित ने प्रकरण की संक्षिप्त जानकारी देते हुये बताया कि मामला 26 जुलाई वर्ष २०२० का है। जब, फरियादी बाजूलाल मर्सकोले उम्र 50 साल ने सिराली थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग लड़की बगैर कुछ बताये कहीं चली गई है। उनकी रिपोर्ट पर सिराली थाना में अपराध क्रमांक 153/2020 धारा 363 भादंवि का प्रकरण कायम कर विवेचना प्रारंभ की। इस दौरान फरियादी सहित अन्य साक्षियों के बयान लेकर संदेही आकाश व शकीला की तलाश शुरू की। जो पुलिस टीम को खंडवा में मिले। उनसे सख्ती से पुछताछ करने पर मालूम पड़ा कि आकाश और शकीला ने अपहृता को खंडवा स्थित अबना नदी के पास सुनसान जगह ले जाकर मार डाला। वहीं उसकी लाश को पास में स्थित झाड़ियों में फेंकने की बात स्वीकार की। इतना ही नही, पुलिस ने आकाश की निशानदेही पर अपहृता का कंकाल भी बरामद किया। जिसका घटनास्थल पर अपहृता के परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा बनाया गया। इस दौरान परिजनों ने मृतिका के कपड़ों से उसकी पहचान की पुष्टि की। उधर, पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों के विरूद्ध धारा 363, 366,342,368,302, 301.374 भादसं 3(2) (1 ड) एससी-एसटी एक्ट अंतर्गत अपराध कायम कर माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। श्री रोहित ने बताया कि मामले में लंबी जिरह के बाद बुधवार 19 अप्रैल को विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए आरोपी आकाश गोयल और शकीला बी को धारा 302 भादसं में दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास एवं एक-एक हजार रूपए अर्थदंड तथा धारा 201 में 3-3 साल का सश्रम कारावास एवं एक-एक हजार रूपए अर्थदंड तथा धारा 342 भादस में 1-1 साल का सश्रम कारावास एवं एक-एक हजार रूपये अर्थदंड व आरोपी शकीला बी को 3(2)(1) एससीएसटी एक्ट में सश्रम आजीवन कारावास तथा एक-एक हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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