अनोखा तीर, हरदा। तवा बांध से नहर में पानी छोड़े करीब 10 दिन का समय बीत गया है। परंतु अजनई माइनर के नयागांव और गोदडी में किसानों के खेत अब भी सूखे हैं। उन्हें मूंग उगाने के लिए अब तक पानी नही मिला है। जिसके चलते क्षेत्र के किसानों में नाराजगी है। इसको लेकर रविवार को किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं को आंदोलन की राह अपनानी पड़ी। इसी दिन अजनई माइनर पर धरना देकर अपनी आवाज को बुलंद किया। इस दौरान महिलाओं ने ढोलक और झांझ की थाप पर गीतों के जरिये तवा भैया को प्रसन्न कर पानी की गुहार लगाई है। इस बीच सूचना पाकर कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग सोनम वाजपेयी, टिमरनी एसडीएम महेश बडोले एवं एसडीओ श्री सोनी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनरत महिलाओं से बातचीत की। उनकी मांग को गंभीरतापूर्वक सुना तथा आश्वस्त किया कि अगले एक-दो दिन में चिन्हित खेतों तक पानी पहुंचाएंगे। इसके लिए जल संसाधन विभाग का मैदानी दल एक गेज मेंटेन करेगा, ताकि नयागांव-गोदड़ी के किसानों को पर्याप्त पानी मुहैया कराया जा सके। वहीं नहर विभाग के एसडीओ श्री सोनी ने कहा कि जहां-जहां भी हेडअप की शिकायतें मिली हैं, उन्हें तुरंत हटाएंगे। इसके बावजूद कोई किसान हेडअप बांधता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद महिलाएं धरना खत्म करने के लिए राजी हुईं। इस मौके पर प्रभावित किसानों ने कहा कि गांव के कमांड एरिया में पानी की नितांत आवश्यकता है। क्योंकि, कई किसान सूखे में बुआई कर चुके हैं। खाद-बीज समेत अन्य कार्यो पर लाखों रूपए खर्च हो गया है। अब, केवल और केवल पानी की दरकार है।
हर साल यही समस्या
क्षेत्र के किसान व अधिवक्ता शांतिकुमार जैसानी ने बताया कि अजनई माइनर पर हर साल यही समस्या सामने आती है। जिसके लिए किसानों को आंदोलन की राह पर चलना पड़ता है। जबकि क्षेत्र के किसान केवल अपने अधिकार का पानी मांगते हैं। पिछले साल भी ऐसा ही हुआ था।
..तो बिगड़ जाएगी टाइमिंग
किसानों ने यह भी कहा कि महज 2 महिने की ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए एक-एक दिन महत्वपूर्ण है। इनमें से 10 दिन तो यूं ही बीत गए। अब ये बात अन्य किसान भलीभांति जानते हैं। क्योंकि, इधर लेट होने के कारण उधर जून माह में हवा-आंधी और बारिश का सामना करने से इंकार नही कर सकते।

