हरदा से आशापुर तक….
– लोक निर्माण विभाग ने जारी किया स्वीकृति-पत्र
-कृषि मंत्री कमल पटेल ने प्रेसवार्ता में दी जानकारी
अनोखा तीर, हरदा। मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही तेज गति से विकास हुआ है, जो प्रदेश की जनता के सामने है। पहले प्रदेश की सड़कों की क्या दशा थी, ये किसी से नही छीपा है। बिजली व्यवस्था वर्तमान समय की तुलना में मानो ना के बराबर थी। लेकिन भाजपा के सत्ता में आते ही जनता की मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है। गांव-गांव सड़कों का जाल बिछाया गया, वहीं बिजली के मामले में प्रदेश आत्मनिर्भर बना है। यह बातें स्थानीय सर्किट हाउस में क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने प्रेसवार्ता में कही। श्री पटेल ने कहा कि चरणबद्ध विकास कार्यो के बीच हरदा को एक ओर बड़ी सौगात मिली है। जिले के छीपानेर से खालवा जिले के आशापुर तक करीब 360 करोड रूपए की लागत से ७१.२ किलोमीटर राज्य राजमार्ग को हरी झंडी मिल गई है। इसके बनने से क्षेत्र का आवागमन ओर सुगम होगा। श्री पटेल ने कहा कि कांग्रेस अपने 60 साल के राज में जो काम नही कर पाई , वह भाजपा ने कर दिखाया है। यही कांग्रेस की बौखलाहट का मुख्य कारण है। लेकिन कांग्रेस यह बात कतई ना भूलें कि झूठ बोल-बोलकर जनता का विश्वास खो चुकी है। इन सबका फैसला जनता आगामी विधानसभा चुनाव में करेगी। पटेल ने 2023 में 200 पार का दावा किया है। पत्रकारवार्ता दौरान कृषि मंत्री श्री पटेल के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष अमरसिंह मीणा, जिपं उपाध्यक्ष दर्शनसिंह गहलोद, महामंत्री देवीसिंह सांखला, भाजपा प्रवक्ता अशोक गुर्जर सहित अन्य लोग मौजूद थे।
सिंचाईं व्यवस्था में बनेंगे नंबर वन
कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि हरदा मध्यप्रदेश का पहला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनने जा रहा है। क्षेत्र की गंजाल मोरंड परियोजना एवं स्वर्गीय इलापसिंह उद्वहन सिंचाईं परियोजना समेत अन्य सिंचाईं कार्यक्रम हमारे संकल्प को साकार करेगा। कृषि मंत्री श्री पटेल ने यह भी बताया कि पहले गंजाल-मोरंड परियोजना अंतर्गत 42 हजार हेक्टेयर रकबा चिन्हित किया था। परंतु क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की मांग को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सहर्ष स्वीकार कर परियोजना अंतर्गत चिन्हित रकबे को बढ़ाकर 62 हजार हेक्टेयर करने का किसान हित में फैसला लिया है, जो कि झूटे हुये किसानों के लिये मील का पत्थर साबित होगा। इसी तरह स्वर्गीय इलापसिंह उद्वहन सिंचाईं परियोजना के माध्यम से हरदा, खिरकिया और टिमरनी के करीब 118 गांव लाभन्वित होंगे।
सुरक्षा कवच बनेगी प्रदेश सरकार
श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश सकरार ने सदैव किसानों के हितार्थ कई महत्वपूर्ण फैसले लिये। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने छोटे व लघु सीमांत किसानों का सुरक्षा कवच बनने का मन बनाया है। इसके तहत 2 हेक्टेयर रकबा वाले छोटे किसानों के फसल बीमा की प्रीमीयम राशि जमा करने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। पूरे प्रदेश में ऐसे 1 करोड 3 हजार खाताधारक किसान हैं। जिनमें से 86 प्रतिशत छोटे किसान हैं, जो कहीं ना कहीं समय पर प्रीमीयम राशि जमा करने से वंचित रह जाते हैं। जिसके चलते उन्हें प्राकृतिक आपदा दौरान नुकसान उठाना पड़ता है। अब सरकार समय पर उनकी राशि जमा कराएगी, ताकि किसानों को किसी भी तरह की आपदा दौरान बीमा राशि से नुकसान की भरपाई हो सके। कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों की वजह से किसान कर्ज के बोझ तले आत्महत्या कर लेते थे। वहीं दूसरी ओर केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकार किसानों को पीएम व सीएम सम्मान निधि देकर आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।

