अनोखा तीर, हरदा। केंद्रीय सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में राहत में हेतु 4 प्रतिशत बढ़ोतरी के आदेश पश्चात अब प्रदेश के कर्मचारी भी लामबंद हो रहे हैं। वे भी राज्य सरकार से केंद्र के समान महंगाई भत्ता मांगने लगे हैं। ज्ञात हो कि गत 1 जनवरी से केंद्र सरकार द्वारा अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 38 के स्थान पर 42 प्रतिशत का लाभ मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश के करीब ढाई लाख केंद्रीय सेवानिवृत्त कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। उधर केंद्र के आदेश से मध्यप्रदेश के कर्मचारी वर्ग में असंतोष दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि मध्यप्रदेश सरकार के कर्मचारियों ने 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता और राज्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 5 प्रतिशत महंगाई राहत की मांग सरकार से की है।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने सीएस को लिखा पत्र
प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में सबसे बड़े संगठन तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने इस बारे में प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को एक पत्र लिखा है। इसमें केंद्र सरकार के अनुसार महंगाई राहत के आदेश जारी किए जाए। केंद्रीय दर से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत न मिलने से लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान हो चुका है। पहले से ही केंद्र और राज्य के डीए और डीआर में असमानता के कारण कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। केंद्र के समान महंगाई भत्ता एवं राहत को लेकर बीते साल 14 अक्टूबर को सरकार के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था। पत्र यह भी बताया कि केंद्र सरकार महंगाई भत्ता/महंगाई राहत जनवरी और जुलाई से भुगतान करती है। वहीं राज्य शासन द्वारा केंद्रीय तिथि के साथ केंद्रीय दर का पालन नहीं किया जाता। लिहाजा राज्य के सभी कर्मचारी वर्ग को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
16 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
मप्र के दर्जन से अधिक पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारी संगठनों ने 16 सूत्रीय मांगों को लेकर आगामी 20 अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। इसमें केंद्र के सामान केंद्रीय तिथि से महंगाई भता/राहत की मांग प्रमुख है। बता दें कि 20 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम का ज्ञापन सौपा जाएगा। 29 अप्रैल को भोपाल में प्रदेश स्तरीय धरना आंदोलन होगा सेंट्रल डीए के अलावा पुरानी पेंशन स्कीम बहाली, लिपिकों की वेतन विसंगति दूर करने समेत तीन अन्य मांग को लेकर कर्मचारी आंदोलन की राह पर हैं।
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