Skip to content
Wednesday, 14 October 2026
हरदा

5वीं-8वीं के बच्चों से खिलवाड़

2 min read
Anokhateer editorial default
Text Size:

 

 

अनोखा तीर, हरदा। बच्चों की शिक्षा के साथ तमाम प्रयोग करने का खेल अभी भी चालू है। इससे चाहे बच्चों का कीमती साल खराब हो तो ये उनकी बला से। कुछ-कुछ ऐसे ही संकेत दिखाई दे रहे हैं। इस वर्ष शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 8 वीं की परीक्षा को बोर्ड परीक्षा घोषित किया गया था। तो शिक्षा जगत के दलालों को कुछ खेल करना ही था। सो हो गया। अभी-अभी इस परीक्षा का संस्कृत का पेपर लीक हो गया और प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने पर राज्य शिक्षा केंद्र ने निर्णय लिया कि इसकी परीक्षा निरस्त कर दी। अब यह परीक्षा पुन: ली जाएगी। हालांकि राज्य शिक्षा केंद्र का यह निर्णय स्वागत योग्य है। मगर प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि जिन जिलों में पेपर लीक किया है वहां परीक्षा निरस्त की जाना था। मगर ‘सब धान बाइस पसेरीÓ के भाव पर संपूर्ण प्रदेश को एक घाट का पानी पिला दिया। प्रबुद्धजनों की राय है कि छोटी कक्षाओं के बच्चे कोमल कोपल होते हैं। उन्हें फिर से परीक्षा की तैयारी कराना पालकों और शिक्षकों को काफी मुश्किल होगा। ऐसे कड़े निर्णय बड़ी परीक्षाओं (10वीं-12वीं) में लिए जाने चाहिए जिनका काफी महत्व भी होता है। इन कक्षाओं के कई पेपर लीक हुए और इनकी गोपनीयता भंग हुई किंतु शिक्षा विभाग ने इस संबंध में कभी कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया। न ही कोई पेपर आज तक निरस्त किया और दोषियों को सजा दी। मगर 3 अप्रैल को कक्षा 8 वीं व 5 वीं के होने वाले पेपर पर ही रोक लगाई गई है। इसमें अपरिहार्य कारण बताए गए हैं। बेहतर तो यह होता कि परीक्षा स्थगन के साथ कोई बड़ी कार्रवाई भी होती। मगर यहां सब कुछ सेटअप या शटअप सा दिखाई देता है। आमजन की राय है कि जब बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक होने की जानकारी मिलती है। तो उन परीक्षाओं को भी निरस्त करना चाहिए जिससे छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं हो इसके लिए प्रशासनिक स्तर से सख्ती करना चाहिए। और पेपर की गोपनीयता भंग होने पर दोषियों को पता कर उन्हें सजा देना चाहिए।

104 Views
What do you think?

Leave a Reply