आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह छीपानेर रोड स्थित खेत का नजारा है। जहां ट्यूबवेल की सर्विस लाइन जमीन पर बिछी हुई है। इतना ही नही, सर्विस लाइन में जगह-जगह कट लगे हुए हैं, जो कि दुर्घटना को खुला आमंत्रण देने के बराबर है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में रबी फसलों की कटाई पूर्ण होने के बाद किसानों ने मूंग की बुआई की है। जिसके चलते खेतों में ङ्क्षसचाईं कार्य लगातार पांचवे व छठवें महिने में जारी है। यही सिंचाई कार्य अगले दो महिने तक एक जैसा चलेगा। इन सबके बीच खेतों में लापरवाही भी देखने में आई है। जहां ट्यूबवेल की १० एमएम की सर्विस लाइन जमीन पर बिछी है। वहीं सर्विस लाइन में एक या दो नही बल्कि 40 से अधिक कट लगे हैं या यूं कहें कि कदम-कदम पर कट है। जो कि अंजाने में बड़े हादसे का रूप ले सकता है। इसके लिए किसानों को सावधानी व समझदारी का परिचय देने की आवश्यकता है। वहीं पंचायत स्तर पर कुंए की टूटी मुंडेर व खुले बोरवेल के साथ इस दिशा में भी जागरूकता लाने पर जोर दिया जाएं। क्योंकि, इसके अभाव में लोग कहना नही चूकते, कि यह बात गलत है।

