अनोखा तीर, हरदा। शहर के टंकी मोहल्ले में ढाई साल पहले आरक्षकों पर जानलेवा हमला करने के 5 आरोपियों को न्यायालय ने 7-7 साल के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। जिसमें तीन महिलाएं और दो पुरूष शामिल हैं। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ठाकुर के न्यायालय में सीविल लाइन थाने के आरक्षकों पर जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपी राहुल कुचबंदिया, राजेश उर्फ करिया, राखी, आरती, पिंकी उर्फ सुषमा को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता विपिन सोनकर ने बताया कि गत 29 दिसंबर 2020 की दोपहर ढाई बजे सिविल लाइन थाना के आरक्षक बृजेश साहू टंकी मोहल्ले में रहने वाले राहुल कुचबंदिया की तलाश में गए थे। इस दौरान उन्होंने बीट क्रमांक 4 एवं 5 के आरक्षकों को सूचना देकर बुलाया था। जिसमें आरक्षक प्रदीप ठाकरे, आरक्षक सुमेर यादव, आरक्षक वीरेंद्र को रास्ते से लेकर मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान वहां पर पहले से ही मौजूद राहुल, सनी, करिया राजेश, राजा, राज, अभिषेक, पिंकी रोहित एवं आरती, मराठी खड़े थे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कहा कि पुलिस वाले अपनी दारू पकड़ते हैं आज इन्हें जान से खत्म कर देते हैं। तब चारों पुलिस वाले वहां से भागे तो उनके पीछे यह सब लोग भागे और कारिया राजेश ने बृजेश के दोनों हाथ पीछे से पकड़ लिया और राहुल ने अपने हाथ से रखे लोहे के धारदार बका उसे जान से मारने की नियत से उसके सिर में मारा। जिससे बृजेश का सिर फट गया वह खून निकलने लगा। दूसरा बका उसने बृजेश की गर्दन पर मारा तो झुक गया, जिससे उसके बाए कान पर लगा और उसका कान कट गया। बीच बचाव करने के लिए आरक्षण वीरेंद्र आया तो राहुल ने वहीं पड़ी लोहे की रॉड से वीरेंद्र के पैर में मारा। जिससे उसे चोट आई। सभी लोग एक राय होकर बोल रहे थे कि पुलिसवालों को जान से खत्म कर दो, तब बीट क्रमांक 4 एवं 5 के आरक्षकों ने बीच बचाव किया। इन दोनों का थाना सिविल लाइन हरदा लेकर गए और वहां से उन्हें शासकीय अस्पताल हरदा इलाज के लिए लाया गया। इस मामले ने न्यायालय के द्वारा आरोपी राहुल पिता राजू कुचबंदिया को धारा 148, 333, 307 भादवि दोषी सिद्ध किया और आरोपी राजेश उर्फ करिया, राखी पति राजू, आरती पति राजेश, पिंकी उर्फ सुषमा पति राकेश को धारा 148, 333/149, 307/149 में घोषित किया और आरोपी राहुल को दोषी पाते हुए धारा 148 भादस में दोषी पाते हुए ६ मास का कारावास एवं 300 रुपए अर्थदंड एवं धारा 333 भादवि में दोषी पाते हुए 5 वर्ष का कारावास एवं 500 रुपए अर्थदंड एवं धारा 307 भादवि में दोषी पाते हुए सश्रम 7 वर्ष का कारावास एवं 500 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया।
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