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Wednesday, 14 October 2026
हरदा

हरदा का सुल्तानपुर बनेगा नया औद्योगिक क्षेत्र

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– 15 वर्ष बाद होगा मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4 जनवरी 2008 को हरदा जिले के सिराली प्रवास दौरान विरान ग्राम सुल्तानपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के साथ ही फुडपार्क खोलने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा क्रमांक ३६०३ पर हरदा कलेक्टर ऋषि गर्ग के सक्रिय प्रयासों से अब अमल होने जा रहा है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को सरदार सरोवर परियोजना के डूब प्रभावित लोगों के पुर्नवास हेतु दी गई भूमि का उपयोग नहीं होने पर लम्बी प्रक्रिया के बाद कलेक्टर हरदा ने यह भूमि औद्योगिक विकास निगम को दिए जाने संबंधी आदेश जारी कर दिए है। जिससे अब हरदा जिले में औद्योगिक विकास के नए द्वार खुलने का रास्ता आसान हो गया है।

अनोखा तीर, हरदा। जिले में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाओं के बावजूद औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध नहीं होना एक मुख्य बाधा बना हुआ था। जबकि हरदा जिला दिल्ली-मुम्बई मध्य रेलवे मार्ग से जुड़ा हुआ है। वहीं प्रदेश की राजधानी भोपाल एवं वाणिज्यिक राजधानी इंदौर से भी इसका सीधा संपर्क है। देश के कृषि उत्पादक जिलों में हरदा का नाम प्रथम पंक्ति में आता है। ऐसी स्थिति में यहां देश के अनेक उद्योगपति कृषि आधारित औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए लम्बे समय से अपना मानस बनाए हुए है। विगत वर्षों मुम्बई के उद्योगपतियों ने जिले का भ्रमण कर लगभग १० हजार करोड़ के निवेश की इच्छा भी जाहिर की थी। क्षेत्रीय विधायक कमल पटेल प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री होने के कारण भी यहां कृषि आधारित उद्योगों का रास्ता आसानी से सुलभ हो सकता है। परंतु भूमि की उपलब्धता के अभाव में विकास के मुहाने पर बैठा हरदा लम्बे समय से शासकीय प्रक्रियाओं में उलझी मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल होने की बाट जोह रहा था। कलेक्टर ऋषि गर्ग ने आज १ अप्रैल को एक आदेश जारी कर न केवल मुख्यमंत्री की १५ वर्ष पुरानी घोषणा को अमलीजामा पहनाने का रास्ता आसान किया, बल्कि हरदा में विकास के नए द्वार को भी खोल दिया है। जिसके तहत राजस्व प्रकरण क्रमांक ०५/अ-२० (३) २०२१-२२ की सुनवाई पूर्ण करते हुए एक आदेश पारित किया है। जिसके तहत मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के कार्यकारी निदेशक द्वारा हरदा जिले में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने हेतु ग्राम सुल्तानपुर में एनबीडीए के नाम दर्ज भूमि की मांग अनुसार ३१.४५३ हेक्टेयर भूमि का हस्तांतरण किया गया है। चूंकि यह भूमि पूर्व में पुनर्वास कार्य हेतु नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को दी गई थी। परंतु जिस प्रायोजन हेतु भूमि दी गई थी उसका उपयोग नहीं किया गया। वहीं भूमि रिक्त होने तथा कुछ किसानों द्वारा इसे अतिक्रमित कर कृषि कार्य में उपयोग किया जाने लगा। ऐसी स्थिति में जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए यह भूमि उपलब्ध कराए जाने हेतु लम्बे समय से कवायद की जा रही थी। प्रशासनिक स्तर पर की गई सक्रिय पहल के परिणामस्वरुप नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण से उक्त भूमि का उपयोग नहीं होने पर अन्य प्रायोजन हेतु उपयोग करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया था। जिसके तहत विभाग ने पत्र क्रमांक ७ दिनांक ३० जनवरी २०२३ के अनुसार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की २५६ वीं बैठक में निर्णय लेते हुए ३४.५३१ हेक्टेयर भूमि का डूब प्रभावितों के पुनर्वास में उपयोग न होने पर मुक्त करते हुए अपनी सहमति प्रदान की थी। आज कलेक्टर ऋषि गर्ग ने इसी मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा नायब तहसीलदार के प्रतिवेदन तथा ग्राम पंचायत रोलगांव की सहमति के साथ ही जारी इश्तहार में कोई आपत्ति न आने पर सभी पहलूओं को दृष्टिगत रखते हुए अपना आदेश जारी किया है। जिसके तहत भूमि खसरा नम्बर २०/१, ४५/२, ६२, ९०/१, ९०/२ के कुल रकबे ३१.४५३ हेक्टेयर का आवंटन मध्यप्रदेश नजूल परिवर्तन निर्देश २०२० के अध्याय २ के प्रावधानों के तहत औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग मध्यप्रदेश शासन के नाम औद्योगिक क्षेत्र/वृहद इकाई स्थापना हेतु करने के आदेश पारित किए है। कलेक्टर के इस आदेश के साथ ही हरदा जिले में विकास के द्वार खुल गए है। अगर राजनीति इच्छाशक्ति के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी सक्रिय पहल की जाती है तो आने वाले दिनों में जिले में वृहद कृषि आधारित औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के साथ स्थानीय रोजगार का सृजन भी होगा।

जिले में स्थापित होंगे कृषि आधारित उद्योग : कमल पटेल

हरदा जिले को हर क्षेत्र में नम्बर वन बनाने का मेरा सपना साकार रुप ले रहा है। आज हरदा कलेक्टर द्वारा ग्राम सुल्तानपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र स्थापना हेतु भूमि आवंटन के आदेश के साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा और मेरी कल्पनाओं को आकार मिलने का रास्ता आसान हो गया है। हम इस नवीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए देश के बड़े उद्योगपतियों से सम्पर्क कर यहां कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना कराएंगे। जिससे हरदा जिले के किसानों को तथा युवा बेरोजगारों को भरपूर रोजगार मिलेगा। जिले के उत्कृष्ट कृषि उत्पादों के लिए जहां अच्छा बाजार और उचित मूल्य प्राप्त होंगे वहीं औद्योगिक इकाईयों की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए कृषि उत्पाद को भी एक नई दिशा प्रदान होगी। उक्त विचार क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री कमल पटेल ने एक अनौपचारिक चर्चा में व्यक्त किए। उन्होंने हरदा जिले की जनता तथा विशेषकर किसानों को बधाई देते हुए कहा कि सुल्तानपुर का नया औद्योगिक केन्द्र मेरे ही नहीं बल्कि आप सबके सपनों को साकार करने वाला होगा। जिससे हरदा जिले को देश के मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।

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