बुनकर ने हैंगिग वॉल का किया अनुपम सफल प्रयोग

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खरगोन 22 मार्च 23/महेश्वर हैंडलूम इंडस्ट्रीज के लिए बरसों से और आज भी अपनी अहम पहचान रखता है। यहां की महेश्वरी साड़ियों की लोकप्रियता आज भी कई पर्यटकों को खींच लाती है। सोशल मीडिया के आने के बाद से अब सीधे विश्व के कई देशों में व्यापार अपनी दस्तक दे चुका है। यहाँ के बुनकर लगातार नए-नए नवाचार कर चौकाते भी रहते हैं। इन दिनों महेश्वर के संत कबीर राज्य पुरुस्कार से सम्मानित आरिफ़ खान ने हथकरघा से वाल हैंगिग बनाने का नवाचार किया है। जो माँ अहिल्याबाई के किले के झरोखे से हूबहू मेच करता है। जिसमें महेश्वर के किले का झरोखा हैण्डलुम पर बनाया गया है। इस वाल हैंगिग को बनाने में लगभग 06 माह का समय व अथक परिश्रम लगा है। भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के सुरेंद्र जैन ने बताया कि इस नवाचार के लिए उन्हें आवश्यक आर्थिक सहयोग भी किया गया।

 

उत्पाद का परिचय एवं विवरण

 

महेश्वर की हाथकरघा इंडस्ट्री मे मुख्यतः महेश्वरी साड़ी, ड्रेस मटेरियल, दुपट्टा ही बनता आ रहा है। लेकिन वर्तमान मं ग्राहकांे द्वारा विभिन्न नये-नये उत्पादों की मांग भी की जा रही है। जैसे शॉल, शर्टिंग फेब्रिक, रेडीमेड, हैण्डिक्राफ्ट आदि। इसी तरह की मांग को ध्यान मे रखते हुए प्रोजेक्ट एचएमआई टीम ने वाल हैंगिंग के नये उत्पाद को डिज़ाईन करने एवं बनवाने का दायित्व लिया। यह वाल हैंगिंग की प्रेरणा महेश्वर किले से ली गई है। इस वाल हैगिंग में महेश्वर किले की पहचान नर्मदा नदी के तट की तरफ बना झरोखा है। जो कि हाथकरघा पर 06 महीने की मेहनत के बाद कपड़े पर उतर पाया है। इस वाल हैगिंग को बनाने के लिए 2/120 मर्सराइज़्ड कॉटन का उपयोग किया गया है साथ ही ताने के लिए धागे को वेट डाई में कोका रंग में रंगा गया है।

 

बाने में बॉटल ग्रीन, मेहरुन एवं लाल रंग को वेट डाई रंग गया है। झरोखे की डिज़ाईन इमिटेशन जरी है। झरोखे की डिज़ाईन इमिटेशन जरी से एक्सट्रा वेफ्ट तकनीक से बनाई गई है। वाल हैगिंग 1 मी. लंबाई एवं 44 इंच चौड़ाई मे बुना गया है। इसमे झरोखे कि डिज़ाईन की लंबाई-चोड़ाई 28×32 इंच है।

 

डिजा़ईन विवरण

 

वाल हैगिंग के लिए किले के झरोखे की प्रेरणा इस बात से मिली कि, कहा जाता है कि देवी अहिल्या बाई इस झरोखे से पवित्र नर्मदा नदी के प्रतिदिन दर्शन करती थी। इस झरोखे को हैण्डलुम के माध्यम से कपड़े पर बुनाई द्वारा बनाई गई। डिज़ाईन के लिए श्री मोहम्मद आरिफ खान ने महेश्वरी साड़ी़ में प्रयुक्त होने वाली सभी मुख्य डिज़ाईनों का समावेश करके झरोखे की डिज़ाईन को बनाया है। ग्राफ एवं डिज़ाइन का कार्य मो. आरिफ खान ने 03 महीने की मेहनत के बाद पुरा किया। झरोखे की संपुर्ण डिज़ाईन में महेश्वरी हाथकरघा उद्योग में प्रयोग होने वाली 16 डिज़ाईनों का समावेश किया गया।

 

इन सामग्रियों का हुआ उपयोग

 

1.मुखडा़ 2. ऑख 3. डायमंड 4. चमेली फुल 6. डमरु 7. रुई फुल 8. कलश डिज़ाईन 9. नर्मदा लहर 10. करवत बार्डर 11. बेल डिज़ाईन 12. चटाई 13. कंगुरा 14. शकर दाना डायमंड 15. हंसा 16. लड्डु डिज़ाईन

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