सनी गुरुदत्ता कालापीपल- मध्यप्रदेश के मालवा की कहावत है। शादी में फूफा नाराज हो जाए तो मजा किरकिरा हो जाता है! आज सुबह शाजापुर जिले के शुजालपुर में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में ठीक ऐसा ही हुआ है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 297 विवाह और 20 निकाह सहित कुल 317 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। अधिकारियों ने सभी दुल्हों को आयोजन स्थल कृषि उपज मंडी परिसर में बुला लिया था, जबकि उन्हें सामूहिक बारात के लिए पुलिस चौकी चौराहे पर एकत्र कर बारात निकालने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के दबंग और सामान्य प्रशासन, स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए थे।

और मंत्री साहब ने फोन कट कर दिया
अब नगर में निकलने वाली सामूहिक बारात से पहले शिवराज कैबिनेट के यह दबंग मंत्री इंदर सिंह परमार की नाराजगी भी देखने को मिली। असल में हुआ यूं कि दूल्हों को लाने के लिए लगाई बसों में डीजल डलवाने के खर्च को लेकर अफसरों के बीच तकरार हो गई थी। इस वजह से दूल्हों को समय पर आयोजन स्थल कृषि उपज मंडी परिसर से बारात प्रारंभ स्थल पुलिस चौकी चौराहे के पास नहीं भेजा जा सका। जब दबंग मंत्री इंदर सिंह परमार को लगा कि दूल्हे आयोजन स्थल पर ही है, और बारात की तैयारी ठीक से नहीं हुई है, तो वे अधिकारियों पर नाराज हो गए। उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ रूशाली पोरस से नाराजगी व्यक्त कर आयोजन को अपने हिसाब से करने की बात कही और फोन कट कर दिया।

हमारे मंत्री साहब फूफाजी नाराज हो गए
मंत्री परमार की नाराजगी सामने आने के बाद आनन-फानन में शुजालपुर एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह उनके पास पहुंचे, और सरकारी गाड़ियां इन दूल्हे राजाओं को लाते भी देखी गई, सरकारी अफसर इस बारात में पैदल चलते हुए नजर आए इस वाकये के बाद लोगों ने ही कहा कि हमारे मंत्री साहब फूफाजी नाराज हुए इसलिए तो अफसरों को धूमधाम से बारात निकालनी पड़ी। वरना आयोजन स्थल पर ही आगमन और विदाई की खानापूर्ति होती। उसके बाद झीन परिसर में स्वागत कर दूल्हों की सामूहिक बारात निकाली गई।
और अंत में खाने को लेकर हुआ विवाद
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत एक नया विवाद भी सामने आया जिसमें बारातियों को आचार और पूड़ी के पैकेट वितरित किए गए और वीआईपी को खिलाएं गए काजू बदाम यह भी एक चर्चा का विषय बना है ।

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