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Saturday, 24 October 2026
हरदा

मंडी में रसूखदारों की मनमानी, आगे आई कांग्रेस

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अनोखा तीर, हरदा। मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में रसूखदारों का जलवा चल रहा है। जिसके चलते गरीब व लघु सीमांत किसानों को शेड में जगह तक नहीं मिल पा रही है। वजह! रसूखदार लोग शेड में ट्रेक्टर-ट्राली को आड़े खड़े कर देते हैं। जिससे पांच ट्रालियों की जगह प्रभावित होती है। ऐसे में कई दफा देर रात पहुंचने वाली ट्रालियों को जगह तक नही मिल पाती है। फिर जगह के लिये इधर-उधर मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसा ही एक मामला बीती रात मंडी में सामने आया है। परंतु इस बार लाचारी के बजाय आवाज बुलंद करने वाले किसानों से पाला पड़ गया है। यही कारण है कि ये मुद्दा गर्मा गया है। दरअसल, रविवार शाम से ही मंडी में ट्रालियां लगनी शुरू हो गई थीं। इस बीच शेड़ में आड़ी ट्राली देखकर किसानों ने आपत्ति जताई। इसके बावजूद बात नही बनी तो किसानों ने किसान कांग्रेस के कॉल सेंटर पर फोन करके अपनी पीड़ा बताई। जिसके दूसरे दिन यानि सोमवार को कांग्रेस पदाधिकारी मंडी पहुंचे। जहां किसानों ने बताया कि मंडी में प्रभावशाली किसान अपने ट्रेक्टर-ट्राली आड़े खड़े कर देते हैं। ऐसा तीन से चार जगह होने पर करीब एक दर्जन ट्रालियां शेड़ में जगह पाने से वंचित रह जाती हैं। जिस पर मंडी प्रबंधन कोई एक् शन नही लेता है। जिसके चलते ऐसे लोगों के हौंसलें बुलंद होते हैं। किसानों की समस्या सुनने के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों ने मंडी प्रबंधन से इस मुद्दे पर बातचीत की। साथ ही मंडी में चल रही मनमानी पर अंकुश लागने की बात कही। यह भी कहा कि मंडी में करीब 30-40 गार्ड हैं। उन्हें शेड़ की निगरानी तथा टोकन देकर क्रमबद्ध ट्रालियां लगवाने के लिये पाबंद किया जाए। ताकि किसानों की ट्रालियां लाइन से लगती चली जाएं। कृषि प्रधान जिले में किसानों के हितार्थ पारदर्शी व्यवस्था की निंतात आवश्यकता है। मंडी प्रबंधन ने कांग्रेसजनों को व्यवस्था सुधार का भरोसा दिया है। इस मौके पर पूर्व नपाध्यक्ष एवं पंचायती राज संगठन के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत टाले, किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष केदार सिरोही सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

यह सुझाव भी रखें

– मंडी प्रबंधन रजिस्टर में ट्रालियों की एन्ट्री करें।

– जो किसान पहले आते हैं उन्हे टोकन जारी हो।

– छोटे और बड़े किसान के बीच भेदभाव ना हो।

– नीलामी शेड़ में ट्रेक्टर-ट्राली आड़े खड़े ना करें।

– सुनवाई के लिए हेल्प डेस्क की स्थापना जरूरी।

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