
खंडवा। सत्ता के करीब पहुंचने से पहले निमाड़ की कांग्रेस में अंदरूनी तूफान सड़कों से लेकर पीसीसी तक पहुंच रहा है। खंडवा के पूर्व शहर अध्यक्ष इंदलसिंह पंवार और पार्षद इकबाल कुरैशी (पहलवान) को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इससे पहले भी जिला ग्रामीण अध्यक्ष मनोज भरतकर एवं शहर जिलाध्यक्ष मोहन ढाकसे की नियुक्तियां होल्ड कर दी गई थीं। कांग्रेस के 12 बड़े कार्यकर्ताओं को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है। निष्कासित एवं नोटिस में नाम वाले अधिकतर नेता अरूण यादव गुट के बताए जा रहे हैं।
इसे समझने के लिए आठ दिन पहले कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन के हंगामे को जानना होगा। इसी की क्लीपिंग को आधार बनाया गया है। ये वीडियो प्रदेश कांग्रेस प्रभारी श्री अग्रवाल एवं कमलनाथ तक पहुंच गए थे। इन सब घटनाक्रमों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव का होल्ड गृहक्षेत्र में आज भी है। वे निमाड़ के खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर जिलों यानि खंडवा लोकसभा क्षेत्र में पकड़ बनाने के लिए अपनी टीम बैठाना चाहते हैं। इसमें किसी की दखलंदाजी उन्हें पसंद नहीं है?
खंडवा जिले में प्रदेश कांग्रेस द्वारा मनोनीत जिला प्रभारी एवं वरिष्ठ नेताओं के विरूद्ध अभद्र व्यवहार एवं अनर्गल बयानबाजी करने के कारण 15 मार्च, अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है। पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासन किए जाने वाले नेताओं में पार्षद इकबाल कुरैेशी एवं इंदलसिंह पंवार, पूर्व अध्यक्ष, शहर कांग्रेस खंडवा हैं। यह भी सही है कि मुसीबत के समय में इंदलसिंह पंवार ने कांग्रेस को जीवित रखा था।
कारण बताओ नोटिस जिन्हें जारी किया गया उनमें, विकास व्यास ब्लाक कांग्रेस खंडवा शहर, अर्ष पाठक ब्लाक कांग्रेस खंडवा शहर, विनोद यादव, शेख असलम, इमरान गौरी, अख्तर मंसूरी, गुलशन अरोरा, रितेश मेलुन्दे, नवीन यादव, आलोक रावत, मुजाहिद कुरैशी व लव जोशी शामिल हैं।

