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Thursday, 22 October 2026
खंडवा

खालवा के जंगल में दुर्लभ हिरण का शिकार, आधा धड़ ले गए शिकारी..!

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खंडवा। जिले के खालवा क्षेत्र में ही सागौन के जंगल बचे हैं। हालांकि 1985 के बाद से यहां भी भारी संख्या में जंगल कट चुके हैं। जानवर कम ही बचे हैं। इन जानवरों का भी शिकार हो रहा है। खालवा क्षेत्र के मानपुरा गांव के पीछे वाले जंगल में एक हिरण का शिकार हो गया। वन विभाग का दस्ता घटनास्थल पर पहुंचा। इस शिकार से साफ नजर आ रहा है, कि कुछ लोगों ने इसका शिकार किया है। किसी जंगली जानवर ने इसे नहीं मारा है।

साफ जाहिर है कि उसकी गर्दन पर धारदार हथियार या चाकू के निशान हैं। वन विभाग ने अज्ञात शिकारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर वन धाराओं में इसकी जांच शुरू कर दी है।

मानपुरा के डिप्टी रेंजर की माने तो उन्होंने कहा कि इस हिरण का आधा हिस्सा गायब है। दो टांगे और पिछला हिस्सा नहीं मिल रहा है। इसे ऐसा दिखाने की कोशिश की गई है, जिससे लगे कि किसी जानवर ने इसे खाया होगा। लेकिन, गर्दन पर धारदार हथियार के निशान साफ जता रहे हैं, कि इसका शिकार हुआ है। पोस्टमार्टम के लिए हिरण के शव को जप्त कर ले जाया गया है। 2 दिन में इसकी रिपोर्ट आएगी, तभी पता चलेगा कि किस तरह से इसका शिकार किया गया होगा।

मामला गंभीर इसलिए भी है, क्योंकि इस तरह के चकत्तेवाले हिरण क्षेत्र में अब कम ही हैं। पहले कहीं भी यह दिख जाते थे, लेकिन अब स्थिति वह नहीं रही।

एक तरफ तो विदेशों से चीते लाकर छोड़े जा रहे हैं, लेकिन यहां जंगल के छोटे जानवर जो पूर्व और पश्चिम कालीभीत, के जंगल की शान हुआ करते थे। अब उन्हीं का बचना मुश्किल हो रहा है।

आपको यह बताना भी जरूरी है कि इस आदिवासी क्षेत्र में हिरण के मांस के शौकीन लोग अब भी इस तरह की हरकत कर देते हैं। जिनसे निपटना जरूरी हो गया है। नीलगायों का भी संरक्षण होना जरूरी है।

 

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