
डॉक्टर कारखुर व स्टॉफ नर्स को ठहराया बच्चे की मौत का जिम्मेदार
विकास पवार
बड़वाह – शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर अनुज कारखुर की कार्यशैली एक बार फिर सुर्खियों में दिखाई दे रही है ।यह इसलिए क्योंकि नावघाट खेड़ी के एक परिवार ने अपने आठ वर्षीय बेटे की मौत के बाद शासकीय अस्पताल में पदस्थ डाक्टर श्री कारखूर और एक नर्स पर लापरवाही पूर्वक बच्चे का इलाज करने का आरोप लगाया है ।उल्लेखनीय है की
नावघाटखेड़ी के आठ वर्षीय बालक रणवीर पिता राजेश केवट की तबीयत खराब होने से उसे शासकीय अस्पताल बड़वाह लाया गया । जहा प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को इंदौर ले जाते समय उसकी मौत हो गई।बालक के परिजनों ने आरोप लगाया है की रविवार सुबह जब रणवीर की तबियत अचानक खराब हुई । तो वे उसे बड़वाह के शासकीय अस्पताल लेकर आए । जहा दोनों उपस्थित स्टाफ नर्स एवं ड्यूटी चिकित्सक द्वारा ईलाज में लापरवाही कर समय पर आवश्यक ईलाज नही किया गया ।उसके बाद उसे अन्य निजी चिकित्सालय लेकर गए।वहा से भी बच्चे को इंदौर रैफर कर दिया।लेकिन इंदौर के तेजाजी नगर पहुंचते ही बालक ने दम तोड़ दिया।हालाकि स्टाफ नर्स एवं चिकित्सक डॉ अनुज कारखुर ने प्राथमिक ईलाज करने की बात कही । लेकिन मृतक रणवीर के पिता राजेश केवट ने बताया की वह शासकीय कालेज में नाईट ड्यूटी कर सुबह घर लौटने की तैयारी कर रहे थे।तभी सुबह 7.30 बजे घर से फोन आया की रणवीर की तबियत ज्यादा खराब हो रही है ।उसका गला सूझ गया है और पेट दुख रहा है।राजेश तुरंत उसे घर से सिविल अस्पताल बड़वाह लेकर आए ।यहाँ सुबह रणवीर की दादी ने स्टाफ नर्स दीक्षा पटेल से जब चिकित्सक के बारे में पूछा तो उन्होंने ठीक से जवाब नही दिया।जबकि उपचार के लिए चिकित्सक को बुलाने में भी आनाकानी की।बार-बार चिकित्सक को बुलाने की गुहार लगाई तो उन्होंने आकस्मिक ड्यूटी पर मौजूद डॉ अनुज कारखुर को बुलाया।उन्होंने सिर्फ बच्चे की परेशानी पूछी,दवा दी एवं जांच के लिए सोमवार को आने का बोलकर वापस चले गए।जिसके बाद परिजन बच्चे की तबियत ठीक नही होने से उसे निजी अस्पताल भी ले गये। जहा से कुछ देर बाद बालक को इंदौर रेफर किया गया।लेकिन बालक की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने अस्पताल में बच्चे का शव रख जताया आक्रोश——–
नावघाट खेड़ी पंचायत के पंच रोहित केवट,देवेन्द्र केवट,राहुल केवट,शव लेकर अस्पताल पहुंचे । जहा परिजनो ने बालक के निधन को लेकर सीबीएमओ श्री वर्मा के समक्ष डाक्टर और नर्स की लापरवाही को लेकर आक्रोश जताया । इस दौरान श्री वर्मा ने बालक के निधन पर दुःख जताते हुए परिजनों को समझाईश भी दी।इस दौरान सीबीएमओ ने तत्कालीन ड्यूटी डॉक्टर एवं स्टाफ नर्स को बुलाया।इसी दौरान प्रभारी टीआई रामआसरे यादव एवं नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए।काफी देर तक परिजन डाक्टर और नर्स पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे।सीबीएमओ द्वारा इस मामले में जांच कर दोषी पाए जाने पर उचित कार्यवाही की बात कही ।इस बात पर परिजन शांत हुए।इसके बाद परिजन शव लेकर वापस घर लौट गए।
इमरजेंसी में आते है ड्यूटी डॉक्टर—–
मृतक की दादी ने कहा की सुबह अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने स्टाफ नर्स से चिकित्सक को बुलाने बोला तो उन्होंने कहा की वो केवल इमरजेंसी होने पर ही आएँगे।यहाँ नर्स ने ऐसी लॉक देकर बच्चे को गैस होने की बात कही ।चिकित्सक आए भी लेकिन उन्होंने केवल सामान्य रूप से देखा,बिमारी के बारे पूछा एवं दवाई देकर वापस चले गए।यदि सही ईलाज एवं समय पर इंदौर जाने की सलाह चिकित्सक देते तो सम्भवतः रणवीर आज हमारे बीच होता ।
शासकीय अस्पताल के जिम्मेदारों का यह कहना है ——
इस मामले में डॉ अनुज कारखुर ने कहा की वे अस्पताल में ही थे। नर्स का फोन आने पर वे आए उन्होंने बच्चे के परिजनों से बीमारी सबंधित जानकारी ली।उन्होंने उसकी दवाई दी।साथ ही जांच करवाने की सलाह दी । उनका कहना है की छुट्टी होने के कारण जांच करना सम्भव नही था । इसलिए उन्होंने सोमवार को जांच कराने के लिए अस्पताल आने के लिए परिवार सदस्यो को कहा।जबकि अस्पताल में बच्चो के विशेषज्ञ चिकित्सक नही होने के कारण उन्होंने इसे तुरंत किसी विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाने की सलाह भी दी । श्री कारखूर का कहना है की उन्होंने ईलाज में लापरवाही नही की। वही इस घटना के बाद सीबीएमओ श्री वर्मा ने परिजनों को समझाईश देने के साथ उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच करने एवं दोषी पाए जाने पर कार्यवाही का भरोसा दिलाया ।
Views Today: 2
Total Views: 140

