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Thursday, 22 October 2026
धर्म

शनि की उल्टी चाल किस राशि पर पड़ेगा प्रभाव

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ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद तिवारी का विश्लेषण

दैनिक अनोखा तीर। हमारे सार्वजनिक जीवन में ग्रहों की स्थिति का काफी महत्व होता हैं। ग्रहयोग के आधार पर ही अधिकांश समय काम बनते बिगड़ते हैं। इसलिए सनातन धर्म संस्कृति के मानने वाले लोगों के लिए यह आवश्यक हैं कि उनकी राशि में ग्रहों की स्थिति क्या चल रही हैं। चूंकि बहुत सी समस्याएं हमारी सावधानी से ही टल जाती हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं कि न्याय के देवता शनि जब मार्गी होते हैं तो अपना शुभ फल प्रदान करते हैं परंतु वह जब वक्री होते हैं तो अपना शुभ फल देने में असमर्थ हो जाते हैं अर्थात जब शनि की उल्टी चाल चलती है, तो वह लोगों को बहुत पीड़ा देती है। क्योंकि शनि जब उल्टी चाल चलते हैं तो बहुत धीमी चाल से चलते हैं और इस बार वह 6 जून 2022 की रात्रि से वक्री होने जा रहे हैं और पूरे 141 दिन तक वक्री अवस्था में भ्रमण करेंगे यानी 23 अक्टूबर 2022 को वह मार्गी होंगे जैसा कि हम जानते हैं कि शनि ढाई वर्षो तक एक राशि में भ्रमण करते हैं।

आपको ज्ञात होगा कि शनि का 29 अप्रैल 2022 को राशि परिवर्तन हुआ था यानी वह मकर राशि से अपनी स्वयं की राशि यानी मूलत्रिकोण की राशि में उन्होंने प्रवेश किया था। परंतु वह 6 जून की रात्रि से वक्री होने जा रहे हैं जिससे सभी राशियां प्रभावित होंगी और कुछ राशियों पर तो उनका अशुभ प्रभाव ज्यादा पड़ेगा। लेकिन इसके साथ साथ देश और दुनिया पर भी उनका प्रभाव पढ़ने जा रहा है।

यदि हम भारत के परिप्रेक्ष्य में देखें तो भारतवर्ष की कुंडली में शनि ग्रह नवम और दशम भाव का स्वामी ग्रह है और इस समय शनि दशम भाव में भ्रमण कर रहा है। वहां पर वक्री होकर उसका भ्रमण करना देश की जनता पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ-साथ देश में लोगों के स्वास्थ्य और अर्थ संबंधी परेशानी भी बढ़ सकती है।

इस दौरान शनी की दृष्टि भारत के पड़ोसी राज्यों पर भी पड़ेगी। इसके चलते भारत के पड़ोसी राज्यों से मतभेद और बढ़ सकते हैं। खासतौर से चीन और पाकिस्तान से भारत के संबंधों में तनाव की स्थिति बढ़ सकती है। क्योंकि वर्तमान में मंगल मीन राशि में चल रहे हैं जो कि 18 जून के बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे यानी स्वयं की राशि में और शनि अपनी तीसरी दृष्टि से उसको देखेगा शनि पर मंगल की दृष्टि संबंध देश और दुनिया को और प्रभावित करेंगे।

इसके चलते दुनिया में युद्ध की विभीषिका और बढ़ सकती है। खासतौर से यूक्रेन और रूस के संबंध में और इसके प्रभाव में स्कैंड डेबियन कंट्रीज जिनमें नार्वे स्वीडन और फिनलैंड जैसे देश शामिल है, इन पर भी शनि का अशुभ प्रभाव पड़ सकता है। विभिन्न राशियों के बारे में यदि हम देखें देखें तो मेष राशि पर शनि का अशुभ प्रभाव पड़ेगा, जिसके चलते धन हानि हो सकती है। दांपत्य जीवन में कलह हो सकती है। वैवाहिक संबंध में कठोरता उत्पन्न होगी। वही वृषभ राशि के लिए यह सामान्य रहेगा। मिथुन राशि के लिए यह कष्टकारी होगा, भाग्य में अवरोध आएंगे। परेशानी होगी। धन संबंधी परेशानी आ सकती है। वहीं कर्क राशि में शुक्र शनि का ढैया चल रहा है जिसके चलते कर्क राशि वाले जातकों को बेहद सावधानी बरतना पड़ेगी। बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं। आर्थिक स्थिति परेशानी से भरी रहेगी। वाहन दुर्घटना हो सकती है। वहीं सिंह राशि वाले जातकों के लिए यह संबंधों में तनाव लाने वाली स्थिति रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा संतान को लेकर परेशानी होगी। वही कन्या राशि वाले जातकों के लिए कोई विशेष परेशानी नहीं रहेगी। तुला राशि वाले जातकों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और शासकीय कार्यों में परेशान हो सकते हैं। वही वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए चुकी अडैया चल रहा है, माता को लेकर कष्ट हो सकता है। प्रॉपर्टी और शेयर मार्केट में निवेश सोच समझ कर करें। धनु राशि वाले जातकों को मित्र परिजनों से धोखा मिल सकता है। मकर राशि वाले जातकों के लिए यह धन संबंधी कष्ट लेकर आएगा। घर परिवार में तनाव जैसी स्थितियां उत्पन्न होंगी। वहीं कुंभ राशि में चूंकि यह वक्री है, शारीरिक मानसिक आर्थिक कष्ट दे सकता है। मीन राशि वाले जातकों के लिए और भी कष्टकारी है। तनाव बढ़ेगा। खर्च बढ़ेगा। विरोधियों का प्रभाव बढ़ेगा। ईश्वर के प्रति समर्पण भाव रखते हुए सावधानी से अपने कर्म को प्रधान बनाये रखें, धर्म और कर्म की युक्ति बुरे वक्त को भी अच्छा बना देती हैं। मां जगदम्बा सभी का श्रेष्ठ करें।

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