UnderWorld Gangs: अब तक लड़ाई बुकी, केबल ऑपरेटर्स से जमीन, प्रॉपर्टी और वसूली को लेकर होती थी. लेकिन बिश्नोई की एंट्री ने न सिर्फ नियम-कायदे बल्कि खेल ही बदल दिया. विदेश से टारगेट किलिंग के फरमान से लेकर कबड्डी टूर्नामेंट को कंट्रोल करने और यूट्यूब चैनल्स पर पंजाबी सिंगर्स के गाने रिलीज करने तक का काम हो रहा है. अंडरवर्ल्ड के लिए चुनौतियां अब बदल रही हैं.

Sidhu Moose Wala Murder: पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद एक नाम सबसे ज्यादा सुनाई दे रहा है. लॉरेंस बिश्नोई. लॉरेंस बिश्नोई गैंग दिल्ली के अंडरवर्ल्ड में अंदर तक अपनी जड़ें जमा चुका है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जांचकर्ताओं का मानना है कि इससे अपराध की दुनिया की दुनिया आने वाले वर्षों में बदल जाएगी. अब तक दिल्ली में गैंग्स के बीच वर्चस्व को लेकर ही खून-खराबा होता रहा है.
जांचकर्ताओं का कहना है कि अब तक लड़ाई बुकी, केबल ऑपरेटर्स से जमीन, प्रॉपर्टी और वसूली को लेकर होती थी. लेकिन बिश्नोई की एंट्री ने न सिर्फ नियम-कायदे बल्कि खेल ही बदल दिया. विदेश से टारगेट किलिंग के फरमान से लेकर कबड्डी टूर्नामेंट को कंट्रोल करने और यूट्यूब चैनल्स पर पंजाबी सिंगर्स के गाने रिलीज करने तक का काम हो रहा है. अंडरवर्ल्ड के लिए चुनौतियां अब बदल रही हैं.
बिश्नोई गैंग ने खेला स्मार्ट गेम
जो लोग बिश्नोई गैंग पर नजर बनाए हुए हैं, वे कहते हैं कि दिल्ली और हरियाणा के अपराध जगत में एंट्री के लिए इन्होंने स्मार्ट गेम खेला. उसने लोकल माफिया से हाथ मिलाया ताकि विस्तार किया जा सके. इसमें दिल्ली का जितेंदर गोगी और हरियाणा में संदीप उर्फ काला जठेड़ी शामिल है. राजस्थान में उसने गैंगस्टर आनंदपाल के गुर्गों को समर्थन दिया.
एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने टीओआई को बताया, ‘उसका मकसद साफ था उसे नॉर्थ इंडिया के अंडरवर्ल्ड पर राज करना था और अपने गृह राज्य पंजाब के अलावा हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में दबदबा कायम करना था.’
लेकिन लॉरेंस बिश्नोई के प्लान को झटका ना लगा हो ऐसा भी नहीं है. उसके गैंग की पंजाब के बंबीहा-पटियाल गैंग के साथ जानी दुश्मनी है. साल 2016 में बंबीहा गैंग उस वक्त कमजोर पड़ गया, जब दविंदर बंबीहा एक पुलिस एनकाउंटर में मारा गया. लेकिन सूत्रों के मुताबिक वह पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले रिंडा संधु के समर्थन से फिर खड़ा हो गया. इस ग्रुप को पंजाब के मोगा का रहने वाला सुखा सिंह फंडिंग देता है. इसकी काट के लिए बिश्नोई का कनाडा में करीबी सहयोगी गोल्डी बरार है. इसके बाद बंबीहा ग्रुप को गैंगस्टर गौरव उर्फ लकी पटियाल का समर्थन मिला, जो अर्मेनिया से ऑपरेट करता है.
पंजाबी सिंगर्स के गानों के लिए दुश्मनी
पंजाब में दुश्मनी पंजाबी सिंगर्स के गानों के रिलीज पर नियंत्रण की है. एक अन्य जांचकर्ता ने बताया, ‘अकसर अग्रीमेंट किया जाता है कि सिंगर्स खुद अपने एल्बम के सारे गाने खुद रिलीज नहीं करेंगे. वे कुछ गाने इन गैंग्स को अलॉट करते हैं, ताकि वे इन्हें यूट्यूब चैनलों पर रिलीज कर सकें. यह सिर्फ पैसा कमाने की बात नहीं है बल्कि लॉन्ड्रिंग भी है.’
इंटेलिजेंस एजेंसी के सूत्र ने बताया, ‘कबड्डी टूर्नामेंट को कंट्रोल करने के लिए गैंगस्टर्स अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों पर दबाव डालते हैं ताकि वे उनकी लीग में हिस्सा लें या फिर मैच फिक्स करें. जो खिलाड़ी मना कर देते हैं, उनका कत्ल कर दिया जाता है.’
पंजाब के बाहर वसूली की लड़ाई
पंजाब के बाहर लड़ाई वसूली, जमीन परकब्जा, प्रॉपर्टी विवाद निपटाना और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का है. अब बंबीहा-पटियाल ग्रुप वही चाल चल रहा है, जो बिश्नोई ग्रुप ने चली थीं. उसने भी लोकल गैंगस्टर्स से हाथ मिलाया. बंबीहा-पटियाल ग्रुप ने हरियाणा में कौशल और एनसीआर में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए गोगी, सुनील उर्फ टिल्लू तेजपुरिया और नीरज बवाना से हाथ मिलाया है.
हालांकि पुलिस ने भी बीते वर्षों में अपनी धड़पकड़ तेज की है. इसकी बदौलत बिश्नोई और जठेड़ी जैसे गैंगस्टर्स जेल की सलाखों के पीछे हैं. कौशल, दुबई से सुख भिखारीवाल और बैंकॉक से काला राणा को डिपोर्ट कर जेल में डाल दिया गया है. लेकिन अभी भी ये गैंग लीडर्स जेल से ऑपरेट कर रहे हैं, जो पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है.




