अनोखा तीर, खिरकिया। बुधवार को हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को एक पत्र सौंपा गया। राहुल पवारे ने खिरकिया तहसील में पदस्थ एसडीएम शिवांगी बघेल के जिला मुख्यालय से अपडाउन करने के संबंध में कार्रवाई की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि विगत दिनों खिरकिया नगर परिषद के पार्षदों द्वारा शिकायत की गई थी कि एसडीएम द्वारा आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिए कई बार आवेदन दिए जाने के बावजूद करीब दो महीने से समाधान नहीं किया गया। शासन के निर्देशानुसार अधिकारियों को मुख्यालय पर रहकर ड्यूटी करना चाहिए, लेकिन पिछले 9 माह से एसडीएम शिवांगी बघेल हरदा से प्रतिदिन अपडाउन कर रही हैं, जिससे समय पर कार्यालय नहीं पहुंच पा रही हैं और आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि खिरकिया में आयोजित जनसुनवाई में एसडीएम की उपस्थिति अनिवार्य होती है, लेकिन जनसुनवाई में जिम्मेदार अधिकारी के नहीं बैठने के कारण आमजन को जिला मुख्यालय और अन्य विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे फरियादियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा पत्र में गेहूं उपार्जन को लेकर भी शिकायत की गई है। मांग की गई है कि हरदा जिले में गेहूं खरीदी की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित की जाए, जो समय-समय पर खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करे। आरोप है कि सैंपल के नाम पर 5 से 10 किलो गेहूं लिया जा रहा है, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। खिरकिया कृषि उपज मंडी को लेकर भी पत्र में कई मुद्दे उठाए गए हैं। बताया गया है कि मंडी में व्यापारियों द्वारा बोरियों की थपियां लगाकर लंबे समय से माल रखा गया है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। एसडीएम द्वारा मंडी का निरीक्षण भी नहीं किया जा रहा, जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी परिसर में प्रतिदिन जाम की स्थिति बनती है। विश्राम गृह में ताला लगा रहने से किसानों को धूप में बैठकर फसल बिकने का इंतजार करना पड़ता है। साथ ही तोल कांटे पर रेट लिस्ट नहीं होने और निर्धारित 15 रुपए के स्थान पर 20 रुपए वसूले जाने का आरोप भी लगाया गया है। इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कलेक्टर से की गई है।
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