अनोखा तीर, करताना। 16 मई को शनि अमावस्या और शनि जयंती होने पर विशाल भंडारा और महा हवन किया जाएगा। करीबी गांव नौसर में स्थित प्रसिद्ध नवग्रह शनि मंदिर लोगों में आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में शनिवार को विशेष नवग्रह हवन एवं ग्रह शांति अनुष्ठान का आयोजन होता है। यह मंदिर पूरे जिले में अद्वितीय है, जहां शनिदेव शिला रूप में विराजमान हैं। मंदिर के पुजारी पंडित दिनेश जोशी ने बताया कि जिन जातकों की राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही है, वे इस हवन में भाग लेकर विशेष पूजा के माध्यम से अपने ग्रह दोषों की शांति कर सकते हैं। शनिवार को सुबह से शाम तक पंडितों द्वारा नवग्रहों के बीज मंत्रों से युक्त विशेष हवन किया जाएगा। इस अवसर पर भक्तों को शनि यंत्र और लोहे की सिद्ध अंगूठी भी प्रदान की जाएगी। बताया गया कि मंदिर को नवग्रहों के रंगों के अनुसार आकर्षक रूप से सजाया गया है। पंडित जोशी ने बताया कि जैसे महाराष्ट्र के शनि सिंगनापुर में भगवान शनिदेव की शिला पर तेल चढ़ाने का विशेष महत्व है, वैसे ही नौसर के इस मंदिर में भी शिला रूपी शनिदेव पर तेल चढ़ाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। यहां शनिदेव की पूजा करने से जातकों की पीड़ाएं और ग्रह संबंधी बाधाएं कम होती हैं।

