परीक्षा के दिन स्कूल से नदारद रहे शिक्षक

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– 4 में से एक ही शिक्षक पहुंचे, वह भी आधा घंटा लेट
– गेट पर खड़े रहे पेपर देने पहुंचे बच्चे, करते रहे शिक्षकों का इंतजार
अनोखा तीर, सेमरी हरचंद। शासकीय स्कूलों में शिक्षकों का समय पर उपस्थित नहीं होना एक बड़ी समस्या बन गई है। कई स्कूलों में शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते, जिससे बच्चों को स्कूल के बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला विकासखंड माखन नगर के ग्राम गुलौन मेघली से सामने आया है। जहां कक्षा छठवीं एवं सातवीं के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा चल रही थी। कक्षा छठवीं एवं सातवीं के विद्यार्थी अपने परीक्षा पेपर देने समय से 10 मिनट पूर्व विद्यालय पहुंच गए थे, उन्होंने शिक्षकों का इंतजार किया लेकिन 10.30 बजे तक एक भी शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे। विद्यालय में परीक्षा देने पहुंची एक छात्र के पिता ने जब स्कूल के शिक्षकों को फोन लगाया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। सुबह 10.40 पर एक शिक्षक जो गांव में ही रहते हैं वह पहुंचे और गेट खोलकर बच्चों को क्लास रूम में बैठाया। इसके बाद बच्चों ने अपनी परीक्षा प्रारंभ की। वहां मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि इस स्कूल में शिक्षक हमेशा ही लेट आते हैं। लेकिन हम अपने गांव का मामला होने के कारण किसी से कुछ नहीं कहते, परंतु आज हद हो गई। जब बच्चों की परीक्षाओं में शिक्षकों द्वारा स्कूल लेट से पहुंचने का मामला सामने आया, तो ग्रामीणों का कहना था कि हमारे गांव के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। ऐसे शिक्षकों पर शिक्षा विभाग वरिष्ठ अधिकारियों को कार्रवाई करना चाहिए।
स्कूल के माध्यमिक शिक्षक दिनेश कुमार कुशवाहा सुबह 10.30 बजे के बाद पहुंचे। पहले तो शिक्षक ने मीडिया कर्मियों से पूछा आप कौन हो और यहां क्यों हो, तो मीडिया कर्मियों ने अपना परिचय उन्हें दिया। इसके बाद शिक्षक द्वारा मीडिया कर्मियों से कहा गया कि आप किसकी अनुमति से स्कूल आए हो, यह परीक्षा का टाइम है और वह मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। बात करने पर उन्होंने मीडिया कर्मियों को बताया कि स्कूल में चार शिक्षक है,ं जिनमें से एक अतिथि शिक्षक है। उन्हें कोई विशेष काम आ गया होगा तो वह आए नहीं, बाकी शिक्षकों की ड्यूटी मूल्यांकन में लगी है।
इनका कहना है
हमारे बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं। पेपर से बच्चे लेट हो रहे थे उन्हें छोड़ने आया था। 10.30 बजे तक इंतजार किया स्कूल में कोई शिक्षक नहीं पहुंचे। इसके बाद शिक्षकों को फोन लगाया, परंतु किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। कई बार यह शिक्षक स्कूल देरी से पहुंचते हैं लेकिन आज परीक्षा के दिन भी शिक्षकों का स्कूल में समय पर उपस्थित नहीं होना गलत है। ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए।
– कैलाश पाल, ग्रामीण।
सारे टीचर्स की ड्यूटी कक्षा 8 के वेल्यूएशन के लिए लगा दी गई है। स्कूल में एक अतिथि शिक्षक की ड्यूटी थी, उन्होंने अब्सेंट चढ़ा दी, उनकी सैलरी कटेगी। जानकारी लगने पर स्कूल के एक शिक्षक आए और उन्होंने स्कूल खोला एवं बच्चों को एक्स्ट्रा टाइमिंग दी गई। उसके बाद उन्हें बुलाया गया प्राइमरी के जो सर है वह मैनेज करते हैं।
– सुश्री वर्षा उदयपुरिया, प्रधान अध्यापिका।
परीक्षा जैसे कामों में इतनी बड़ी लापरवाही सही नहीं है। हां कुछ शिक्षकों का वेल्यूएशन में काम चल रहा है, एक-दो टीचरों की जनगणना में ड्यूटी है। यह कारण भी हो सकते हैं और जानकारी ले रहे हैं। अगर ऐसा है तो अनुपस्थित गेस्ट टीचर का वेतन काटने की कार्रवाई करवाएंगे।
– श्यामसुंदर पटेल, बीआरसी।

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