अनोखा तीर, हरदा। बुंदेलखंडी कुर्मी क्षत्रिय गौर समाज का त्रैवार्षिक अधिवेशन सोमवार को हरदा स्थित समाज भवन में आयोजित किया गया। अधिवेशन में जिले भर से बड़ी संख्या में समाज के महिला और पुरुष सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम में सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। ग्राम इकाइयों के अध्यक्षों द्वारा अपने-अपने गांवों में आयोजित बैठकों में पारित प्रस्तावों को जिला संगठन को सौंपा गया। इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद जिला संगठन ने कुल 17 प्रस्तावों को पारित किया। अधिवेशन के दौरान समाज की महिलाओं ने भी मंच से अपने विचार व्यक्त करते हुए सामाजिक सुधारों में सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता बताई। समाज के जिलाध्यक्ष नर्मदा प्रसाद गौर ने अधिवेशन में पारित प्रस्तावों को उपस्थित समाजजनों के सामने पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम में मंच पर संरक्षक मंडल के सदस्य प्रेम नारायण गौर, नर्मदा प्रसाद गौर, प्रदीप गौर, माखन प्रसाद गौर, कुसुम गौर और साधना गौर एवं लवकुश गौर मौजूद रहे। अधिवेशन में समाज के विभिन्न आयोजनों और परंपराओं में बढ़ती अनावश्यक खर्च और दिखावे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
यह प्रस्ताव पारित हुए
डीजे नहीं बजाएंगे और समाज की महिलाएं सड़क पर डांस नहीं करेंगी।
-किसी भी पदाधिकारी द्वारा सामूहिक विवाह में शादी नहीं करने पर 11 हजार तथा सामान्य स्थिति में 1100 रुपये का जुर्माना।
-शुभ कार्यक्रमों में वर-वधु के अलावा किसी के आभूषण नहीं लाए जाएंगे।
-पगड़ी रस्म और डेल छुड़ाई को सीमित किया जाएगा तथा मृत्यु भोज सादा और सरल रहेगा।
-शादी-विवाह में लिफाफा प्रथा बंद रहेगी।
-शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन का वीडियो शूट नहीं कराया जाएगा।
-विवाह या सगाई का पंजीयन होने के बाद रिश्ता टूटने पर परामर्श समिति में आवेदन दिया जा सकेगा।
-दोनों पक्षों की सहमति से व्हाट्सएप के माध्यम से निमंत्रण भेजा जाएगा।
-महिलाओं का ग्राम इकाई बनने के बाद जिला संगठन बनाया जाएगा।
-मायरा और बारात में सहमति से सीमित वाहन रखे जाएंगे।
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