-तहसील व जिला मुख्यालय पर निर्भर गांव
अनोखा तीर, मसनगांव। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के दिनों में होने वाली आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए दमकल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण पंचायतें आज भी जिला एवं तहसील मुख्यालय पर निर्भर बनी हुई हैं। पंचायतों को विधायक और सांसद निधि से टैंकर तो उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में इन टैंकरों की हालत खराब होती जा रही है। मसनगांव पंचायत में पहले पांच टैंकर हुआ करते थे, जिनमें से दो खराब हो चुके हैं। एक टैंकर गांगला में खड़ा है और एक का उपयोग ग्रामीण अपने निजी कार्यों में कर रहे हैं। पिछले साल विधायक निधि से जो टैंकर मिला था, उसे पंचायत में इंजन लगाकर फायर ब्रिगेड के तौर पर खड़ा किया गया है, लेकिन ट्रैक्टर के अभाव में उसे कहीं लाने-ले जाने की व्यवस्था नहीं है। टैंकर को पानी भरकर एक जगह खड़ा कर दिया गया है, लेकिन इमरजेंसी के दौरान किसानों से ट्रैक्टर मांगकर ही उसे घटनास्थल तक ले जाना पड़ेगा। वर्तमान में खेती संबंधी कार्य चलने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अधिकतर खेती के काम में लगी हुई हैं। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हरदा से फायर ब्रिगेड बुलाकर ही काम चलाना पड़ता है। ग्रामीणों द्वारा पिछले कई वर्षों से शासन से ग्रामीण क्षेत्रों में भी दमकल उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर दमकल की व्यवस्था की जानी चाहिए या चार-पांच पंचायतों को मिलाकर एक ट्रैक्टर उपलब्ध कराया जाए, जिससे आपात स्थिति में तुरंत घटनास्थल पर टैंकर पहुंचाया जा सके।
कांकरिया पंचायत में भी टैंकरों की स्थिति खराब
ग्राम पंचायत कांकरिया में विधायक निधि से दो टैंकर दिए गए थे, जिनमें से एक की हालत खराब हो चुकी है। वहीं दूसरे टैंकर में इंजन की व्यवस्था नहीं होने से उसका उपयोग केवल सामान्य कार्यों में किया जा रहा है। अन्य ग्राम पंचायतों में भी टैंकर की सुविधा तो है, लेकिन ट्रैक्टर नहीं होने के कारण आगजनी के समय ग्रामीणों को नगर पालिका हरदा या खिरकिया से दमकल बुलानी पड़ती है। 10 से 20 किलोमीटर की दूरी होने के कारण कई बार दमकल देर से पहुंचती है और तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। ग्राम के सचिन नंदलाल बघेल ने बताया कि गर्मी शुरू होते ही टैंकर में पानी भरकर रख दिया गया है। किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर ट्रैक्टर से टैंकर ले जाकर आगजनी की घटना पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पंचायत में ट्रैक्टर उपलब्ध कराने की मांग शासन से की गई है। यदि यह सुविधा मिलती है तो आसपास के अन्य गांवों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं

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