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Monday, 26 October 2026
हरदा

रोगी से न करें भेदभाव, कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता जरूरी

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अनोखा तीर, हरदा। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में 30 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक, विकास नगर, हरदा में ‘विश्व कुष्ठरोग दिवसÓ के उपलक्ष्य में कुष्ठ रोग के संबंध में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा, चंद्रशेखर राठौर ने जनों को कुष्ठ रोग की बीमारी, इसके लक्षण, कारण एवं बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। श्री राठौर ने बताया कि ‘विश्व कुष्ठरोग दिवस हर साल 30 जनवरी को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग के बारे में जागरूकता फैलाना, इससे जुड़े मिथकों को दूर करना और प्रभावित लोगों के प्रति सहानुभूति दिखाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग (हेनसेन रोग) छूआछुत से नहीं फैलता, बल्कि यह ‘माइकोबैक्टिरियम लैपीÓ नामक विशेष प्रकार के बैक्टीरिया के कारण होने वाला दीर्घकालिक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से हाथों, पैरों और चेहरे को प्रभावित करता है। इस रोग का पूर्ण इलाज ”मल्टी ड्रग थैरेपीÓÓ के माध्यम से संभव है, जो सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क उपलब्ध है। शिविर में उपस्थित लोगों को कुष्ठ रोग से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गई। कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी सौरभ कुमार दुबे ने विश्व कुष्ठ रोग दिवस मनाने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रभावित रोगियों के लिए उपलब्ध शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित जनों को नालसा/सालसा की विभिन्न विधिक सहायता योजनाओं, जैसे लैंगिक हमलों और अन्य अपराधों की पीड़िताओं के लिए प्रतिकर योजना, 2018, गरीबी उन्मूलन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधिक सेवा योजना, 2015 और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवा योजना, 2015, के बारे में बताया। साथ ही नि:शुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन टोलफ्री नंबर 15100 की जानकारी भी साझा की गई। शिविर में डॉ. पूजा अहिरवार, महिलाएं, बच्चे एवं पैरालीगल वॉलेंटियर सुनिता साहू सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

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