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Monday, 26 October 2026
हरदा

किसान आक्रोश मोर्चा ने बजट 2026 में किसानों की मांगें रखीं

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अनोखा तीर, हरदा। सरकार की किसानों के प्रति बेरुखी के कारण आए दिन किसान कर्ज के बोझ तले आत्महत्या कर रहे हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों की दुर्दशा के लिए अब तक किसी भी सरकार ने ऐसी नीति नहीं बनाई जिससे उनका उद्धार हो सके। बजट में अब तक किसानों को केवल झुनझुना ही दिया गया है और ऐसी नीतियां बनाई गई हैं जिससे किसान लगातार कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। किसान आक्रोश मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि उनकी मुख्य मांग है कि एक बार पूरा कर्ज माफ किया जाए और सभी फसलों का मूल्य स्वामीनाथन आयोग के सी2+50 फार्मूले के अनुसार दिया जाए। इसके बाद ही किसान कर्ज से बाहर निकल पाएंगे, अन्यथा किसानों की आत्महत्या का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता रहेगा। मोर्चा ने यह भी कहा कि यदि सरकार लाभकारी मूल्य एमएसपी की गारंटी कानून बना दे और किसानों का पूरा कर्ज माफ कर दे, तो उन्हें और किसी चीज की आवश्यकता नहीं होगी। अन्यथा, किसानों को हर साल प्रति एकड़ 50 हजार रुपये की नगद सब्सिडी दी जाए, जैसा अमेरिका में किसानों को मिलता है। मोर्चा ने बजट से जुड़ी अन्य मांगें भी रखीं। उन्होंने कहा कि नकली खाद और बीज बेचने वालों के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाए, कृषि उपकरणों को जीएसटी मुक्त किया जाए, किसान सम्मान निधि की राशि कम से कम 25 हजार रुपये वार्षिक की जाए और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित फसलों पर मुआवजा, राहत राशि और बीमा 15 दिनों के भीतर दिया जाए। किसान आक्रोश मोर्चा ने सरकार से अपील की है कि वह इन मांगों को गंभीरता से ले और किसानों के जीवन और आजीविका को सुरक्षित बनाए।

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