महिनों की मेहनत पर एक झटके में फिरा पानी
– करीब एक दर्जन गांव में फसलें बुरी तरह प्रभावित
अनोखा तीर, हरदा। बीती रात भारी हवा-आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के चलते जिले की हंडिया तहसील के करीब एक दर्जन गांव में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यहां किसानों की महिनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। वहीं सारी उम्मीदें भी टूट चुकी हैं। खेतों में खड़ी गेहूॅ, चना, मक्का समेत अन्य फसलें चौपट हो गई हैं। प्राकृतिक आपदा के शिकार हुए किसानों ने सुबह से ही अपने-अपने खेतों का रूख कर लिया था। जहां जमींदोश हुई फसलों को लेकर सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द प्रभावित फसलों का सर्वे कराया जाए। वहीं नुकसानी की भरपाई के लिए राहत मुहैया कराई जाए। जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 10 बजे हवा-आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई, जो लंबे समय तक जारी रही। वहीं हंडिया तहसील के करीब एक दर्जन गांव में चना के बराबर ओले बरसे हैं। जिसके चलते सोनतलाई, बिछौला, कचबैड़ी, पांचातलाई, करणपुरा और खमलाय समेत आसपास के अन्य गांवों में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यहां मक्का, गेहूॅ , चना, चिया सीड्स तथा सब्जियों की फसल खराब हुई है। इतना ही नही, क्षेत्र के ग्रामों में कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही पेड़ और खम्बे भी तेज हवा के कारण धाराशायी हो गए हैं। इसकी खबर मिलते ही कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल के प्रमुख पदाधिकारी किसानों के बीच पहुंचे। किसानों की फसलों का नजदीक से निरीक्षण करने के साथ ही उनसे बातचीत की और उनका दर्द बांटा। इतना ही नही, जल्द से जल्द सर्वे की आवश्यकता पर जोर भी दिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने मंडल अध्यक्ष वंशीलाल पंवार, पूर्व मंडी अध्यक्ष प्रहलाद पटेल सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ सोनतलाई क्षेत्र में पहुंचकर किसानों की फसलों को देखा। उनके साथ राजस्व अधिकारी भी मौजूद थे। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई ने सतीश भादू, जयंत मौर्य, रामस्वरूप गुर्जर के साथ लोट्या-करणपुरा सहित अन्य गांवों में किसानों की फसलों को देखा। इस संबंध में सांई ने अधिकारियों से चर्चा कर अतिशीघ्र सर्वे कराए जाने की बात पर जोर दिया।
जमीन पर लेटी फसल
किसान अमन पटेल ने बताया कि रात करीब 10-11 बजे बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को बुरी तरह नष्ट कर दिया। मक्का की फसल जमीन पर लेट गई है। वहीं गेहूॅ की बालियां टूटकर लटक गई है। जिससे तय है कि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिसके चलते कई किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
किसानों की कमर तोड़ी
कपिल जाट ने बताया कि चना की फसल पर ओलावृष्टि की मार साफ दिख रही है। जिससे फसलें पूरी तरह नुकसानी की भेंट चढ़ गई है। गांव में कच्चे घरों को नुकसान पहुंचा है। वहीं तेज हवा में पेड़ भी गिरे हैं। संजय पटेल ने कहा कि यह समय फसलों का पिक टाइम था। उसी समय प्राकृतिक आपदा की मार ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी।
मिर्ची की फसल खराब
सोनतलाई के उधानिकी किसान रेवा पटेल की करीब 8 एकड़ में लगी शिमला मिर्च की फसल नष्ट हुई है। ओलावृष्टि के कारण शिमला मिर्च में छेद हो गए हैं। वहीं सब्जी के पेड़ टूटकर लटक गए हैं। श्री पटेल ने बताया कि वर्तमान में मिर्च टूटने का समय नजदीक था। लेकिन बारिश और ओलावृष्टि ने सबकुछ तबाह कर दिया है।


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