– बाघ की मौत 24 से 36 घंटे पूर्व होने की पुष्टि हुई है,वन विभाग ने चौकसी बढ़ाई
अनोखा तीर, नर्मदापुरम। प्रदेश में बाघ का शिकार थम नहीं रहा है। नर्मदापुरम जिले में सोनतालई में बुधवार को एक बाघिन का शव मिला है। वहीं गुरूवार को रातापानी अभ्यारण के बुधनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत भीमकोठी के जंगल में एक और बाघ का शव मिला है। बाघ की संदिग्ध मौत बताई जा रही है। मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में प्रारंभिक परीक्षण के बाद बाघ के शव को पोस्टमार्टम किया गया। वन विभाग के अनुसार पोस्टमार्टम एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) के तय प्रोटोकॉल के तहत वरिष्ठ वन अधिकारियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया। बाघ के विसरा (नमूने) को सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है या किसी अन्य संदिग्ध वजह से।
विभाग ने बढ़ाई गश्त
वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में सघन गश्त बढ़ा दी है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की संभावना को पूरी तरह नकारा जा सके। आसपास के जंगल क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप और निगरानी दल तैनात किए गए हैं। इस मामले में सीसीएफ भोपाल, डीएफओ सीहोर, रातापानी टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ डॉक्टर, बुधनी के पशु चिकित्सक, एसडीओ बुधनी, एनटीसीए प्रतिनिधि एवं वन अमला मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में बाघ की मौत 24 से 36 घंटे पूर्व होने की पुष्टि हुई है। वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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