– पोस्टमार्टम के बाद विधिवत किया अंतिम संस्कार
अनोखा तीर, नर्मदापुरम। वनमंडल नर्मदापुरम अंतर्गत के परिक्षेत्र इटारसी की बीट सोनतलाई क्षेत्र में एक मादा बाघ मृत अवस्था में पाया गया। वनमंडलाधिकारी सामान्य वनमंडल नर्मदापुरम ने बताया कि बीते दो दिनों से उक्त क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर निगरानी की जा रही थी। बुधवार को बाघ को उसी स्थान पर निष्क्रिय अवस्था में पाया गया। पास जाकर देखने पर उसके शरीर में किसी प्रकार की हलचल नहीं मिली, जिसके बाद मादा बाघ के मृत होने की पुष्टि हुई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मुख्य वन संरक्षक, वृत्त नर्मदापुरम, वनमंडल अधिकारी नर्मदापुरम, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चिकित्सकों की टीम, एनटीसीए द्वारा नामांकित चिकित्सक, डॉग स्क्वाड, तहसीलदार इटारसी, ग्राम पंचायत रानीपुर के सरपंच तथा वन अमले की उपस्थिति में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों के तहत विधिवत पोस्टमार्टम की कार्यवाही संपन्न कराई गई। चिकित्सक दल द्वारा किए गए प्रारंभिक परीक्षण में बाघ की मृत्यु का संभावित कारण पेट में संक्रमण बताया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए, जिससे किसी भी प्रकार के अवैध शिकार या तस्करी की आशंका से इनकार किया गया है। इसकी पुष्टि के लिए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के डॉग स्क्वाड द्वारा आसपास के क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान भी चलाया गया, जिसमें कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं पाई गई। मृत्यु के वास्तविक और अंतिम कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए बाघ का विसरा एकत्रित कर अधिकृत प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मृत्यु के कारणों की अंतिम पुष्टि की जाएगी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में बाघ के शव का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। शवदाह की प्रक्रिया तब तक जारी रखी गई जब तक कि शव पूरी तरह से राख में परिवर्तित नहीं हो गया, ताकि वन्यजीव संरक्षण के सभी नियमों और मानकों का पूर्णत: पालन सुनिश्चित किया जा सके। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या वन्यजीव से संबंधित सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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