Skip to content
Saturday, 10 October 2026
हरदा

भारत भूमि यह पावन माटी, जिसका मान बढ़ाते हैं भारत के वीर सिपाही : कपिल दुबे

3 min read
Text Size:

 

–स्वदेशी मेले में देर रात काव्य रस बरसा

अनोखा तीर, हरदा। स्थानीय रानी लक्ष्मीबाई मैदान मिडिल स्कूल के प्रांगण में संचालित स्वदेशी मेले में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें देर रात तक कवियों ने राष्ट्र भक्ति से ओतप्रोत गीत, गजल और छंद के माध्यम से कविताएं सुनाई। जिसमें राष्ट्रीय ओज कवि देवकृष्ण व्यास देव की अध्यक्षता भगवान श्रीराम की स्वरचित स्तुति व भारत माता की आरती से कवि सम्मेलन का समापन हुआ। माँ भारती की आरती से प्रांगण में सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभी ने वन्दे मातरम व भारत माता की जय के उद्घोष से मंच गुंजायमान हो गया। सर्वप्रथम कटनी से आई प्रियंका मिश्रा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। शिरीष अग्रवाल एटलस हरदा ने दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी और खज़ाना छोड़ दिया, प्रीत में राम की दीवानो ने, राज घराना छोड़ दिया। बालकवि दुहित गौर ने अपने हास्य मुक्तकों से सभी को खूब गुदगुदाया। कपिल दुबे ने घनाक्षरी छंद सुनाया। साथ में भरत भूमि यह पावन माटी जिसका मान बढ़ाते हैं हम भारत के वीर सिपाही वन्दे मातरम गाते हैं गीत सुनाया। हास्य कवि विजय विचित्र ने हास्य के साथ Óजिस धरती पर महाकाल का डमरू बजता है डम डम. जिस धरती पर गुंजित होता रहता है हर हर बम बम कविता सुनाई। गजलकार जयकृष्ण चांडक ने मुक्तक दिल में उल्फत संभालकर रखना, ये इबादत संभालकर रखना सुनाया और गजल सुनाई। हास्य कवि मुकेश शांडिल्य ने हास्य छन्दों से खूब तालियां बंटोरी। उन्होंने राष्ट्रभक्ति गीत हमने ही तो घर में घुसकर रावण को ललकारा है, नागों का मर्दन कर डाला कंसों को भी मारा है सुनाया। कवयित्री प्रियंका मिश्रा ने मधुर कण्ठ से ओज के गीत पढ़े। गीतकार अमित बिल्लोरे ने मन की गांठें मन में घोलकर, सरल तरल हो जाता हूं, धो लेता हूं पाप स्वयं के, मैं खुद गंगाजल हो जाता हूं.. सुनाकर तालियां बटोरी। सबरस कवि लोमेश गौर ने हास्य छंद सुनाए। उन्होंने ‘छोटी-छोटी बातों को करोगे इग्नोर नहीं, आपका भी संयुक्त परिवार टूट जाएगा छंद सुनाया। संचालन कर रहे देवास के कुलदीप रंगीला ने अपने कुशल संचालन से कवि सम्मेलन को ऊँचाई तक पहुंचाया और शीतलहर में भी देर रात श्रोताओं को बांधे रखा। उन्होंने सुंदर रचनाओं का पाठ भी किया। उन्होंने पढ़ा मंदिरों में प्रवेश हो जाते, दूर सारे कलेश हो जाते, कॉपी करने से ख्याति मिलती तो, सारे गण भी गणेश हो जाते। कवि सम्मेलन के प्रारंभ में स्वदेशी मेले के सभी आयोजकों व सदस्यों द्वारा कवियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा, जिपं उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत, मेला प्रभारी रविलाल पटेल, नरेंद्र भामू, श्याम माहेश्वरी, बसंत राजपूत, योगमाया शर्मा, शैलेश साबू, त्रिलोक शर्मा, पूनमचंद गुप्ता, राहुल अग्रवाल, व उनकी पूरी टीम ने अपनी उपस्थिति से कवियों का उत्साहवर्धन किया।

323 Views
What do you think?

Leave a Reply