प्रतिदिन सूर्य नमस्कार से हमारा शरीर, मस्तिष्क और विचार होते हैं मजबूत और पुष्ट : केंद्रीय मंत्री श्री उईके

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  लघु से विराट और सामान्य से असामान्य व्यक्ति बनने की प्रक्रिया है सूर्य नमस्कार

 स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर जिले की समस्त शिक्षण संस्थानों में आयोजित हुआ सूर्य नमस्कार

 जिला स्तरीय कार्यक्रम में डेढ़ हजार से अधिक बच्चों ने की सहभागिता

बैतूल : स्वामी विवेकानंद जी की जन्म जयंती पर 12 जनवरी यूवा दिवस को जिले के समस्त शिक्षण संस्थानों में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूली छात्रों और नागरिकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री जनजातीय कार्य दुर्गादास उईके के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय कार्यक्रम कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंज बैतूल में आयोजित हुआ।

    कार्यक्रम में विधायक बैतूल हेमंत खंडेलवालअपर कलेक्टर राजीव नंदन श्रीवास्तवएसडीएम राजीव कहारमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रविकांत उईकेजिला शिक्षा अधिकारी  अनिल कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र उपस्थित रहें।

     कार्यक्रम में प्रदेश स्तर से प्रसारित स्वामी विवेकानंद जी और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संदेश का श्रवण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। योगाचार्य के मार्गदर्शन और प्रसारित संदेशों से उपस्थित अतिथियों और स्कूली बच्चों ने सूर्य नमस्कार और प्राणायाम के तीन-तीन चक्र का अभ्यास किया।

       केंद्रीय मंत्री श्री उईके ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर आज प्रदेश भर में सूर्य नमस्कार के माध्यम से हमारी सनातन परंपराओं और ऋषि मुनियों द्वारा प्रदत्त अनुदान वरदान को पुनर्जीवित और पुन स्मरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कालखंड विशिष्ट है। इस प्रजनन काल में जो भी हम सोचते हैं और करते हैं वह निश्चित ही फलीभूत होता है। सूर्य नमस्कार हमारी आत्मा और चेतना का ध्रुव केंद्र है। भगवान सूर्य नारायण के प्रभाव से ही हमारी काया में ओजस्विताहमारे विचारों में मनास्विता और विचारो में वर्चस्विता यह तीन प्रकार की उपलब्धियां हमे प्राप्त होती हैं। हमारे समस्त कार्य और गतिविधियां भगवान सूर्य की कृपा से ही संपादित होती है।

       ऐसा व्यक्ति जिसका शरीर,मन और भावनाएं पूरी तरह स्थूलपावन,निर्मल और करुणमय हो उसे ही स्वस्थ व्यक्ति माना जाता है। ऐसे व्यक्ति का निर्माण ही आज के आयोजन का मुख्य उद्देश्य हैं। सूर्य नमस्कार से हमारा भौतिक शरीर ,मन मस्तिष्क और विचार मजबूत और पुष्ट होते हैं। जिन व्यक्तियों में ये तीन गुण विद्यमान रहें उन्होंने इतिहास बदला हैं। महान लीडरचिंतक और दार्शनिक हुए हैं। सूर्य नमस्कार के माध्यम से हमारे सूक्ष्म केंद्र जागृत होते हैं। प्रतिदिन यौगिक क्रियाओं के माध्यम दिव्यताएं प्राप्त कर सकतें। लघु से विराट व्यक्तिसामान्य से असामान्य व्यक्ति बनने की प्रक्रिया है सूर्य नमस्कार। स्वामी विवेकानंद जी ने हमें दिव्य वेदांत दर्शन के माध्यम से चेतना का नवीन स्वरूप प्रदान किया है। सभी विद्यार्थी और नागरिक स्वामी विवेकानंद जी की प्रेरणाओं का अनुशीलन कर अपने जीवन नई दिशा दें। सूर्य नमस्कार के अभ्यास के पश्चात स्कूली बच्चों को स्वल्पाहार का वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

टीबी मुक्त अभियान की ली गई शपथ

       “राष्ट्रीय युवा दिवस” के अवसर पर प्रधानमंत्री टी बी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत केंद्रीय मंत्री डी.डी. उईके की उपस्थिति में टी बी मुक्त भारत अभियान की शपथ ली गईं।शासकीय कन्या उच्चतर विद्यालय की छात्राएं उपस्थित होते हुए लगभग डेढ़ हजार से अधिक की संख्या में टी बी की शपथ लेते हुए अभियान से जुड़ने का संकल्प लिया।

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