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Thursday, 22 October 2026
मध्य प्रदेश हरदा

विधायक दोगने ने विधानसभा में उठाया सोयाबीन का समर्थन मूल्य 6 हजार करने का मुद्दा

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हरदा जिले में कृषि महाविद्यालय प्रारंभ किया जाए

 

अनोखा तीर, हरदा। विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने सोमवार से शुरू हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र के प्रथम दिवस मध्य प्रदेश विधानसभा में किसानो की सोयाबीन फसल का समर्थन मूल्य 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल किए जाने एवं हरदा जिले में कृषि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की मांग सरकार से की गई। विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान सदन में सरकार से यह प्रश्न पूछा कि संपूर्ण मध्य प्रदेश में किसानों द्वारा सोयाबीन फसल का समर्थन मूल्य 6 हजार किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था। क्या मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सोयाबीन फसल का समर्थन मूल्य किसानों की मांग अनुसार 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की कोई योजना प्रचलन में है क्या? यदि हां तो सोयाबीन फसल का समर्थन मूल्य 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल कब तक किया जाएगा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व कृषि मंत्री द्वारा की गई घोषणा अनुसार क्या हरदा जिले में कृषि महाविद्यालय खोलने की कार्य योजना प्रचलन में है, यदि हां तो कब तक हरदा जिले में कृषि महाविद्यालय शुरू कर दिया जावेगा। साथ ही खेल एवं युवक कल्याण विभाग हरदा का सालाना बजट बढ़ाये जाने की मांग की गई, जिससे कि जिले के युवा प्रतिभावान खिलाड़ियों को अच्छी सुविधा मिल सकें। विधायक डॉ. दोगने द्वारा सोयाबीन फसल का समर्थन मूल्य 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल किए जाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर प्रदेश के कृषि मंत्री द्वारा जवाब दिया गया कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम योजना के तहत किसानों से सोयाबीन की खरीद भारत सरकार द्वारा घोषित एमएसपी 4892 रुपए पर की जा रही है। सभी राज्यों द्वारा पीएम आशा योजना के तहत भारत सरकार द्वारा घोषित एमएसपी दरो पर सभी पात्र फसलों की खरीद की जाती है। एमएसपी से अधिक कीमतों पर सोयाबीन या किसी अन्य फसल की खरीद का कोई प्रावधान नहीं है। हरदा जिले में कृषि महाविद्यालय शुरू किए जाने के प्रश्न पर कृषि मंत्री द्वारा कहा गया कि हरदा जिले में कृषि महाविद्यालय की स्थापना हेतु प्रस्ताव शासन के समक्ष प्रस्तुत हुआ था। जिस पर विचारण स्थगित है, जिला हरदा के समीप कृषि महाविद्यालय जिला खंडवा एवं जिला नर्मदापुरम में कृषि महाविद्यालय पूर्व से ही संचालित है। अत: नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना का कोई औचित्य नहीं है। इससे यह प्रतीत होता है कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री द्वारा हरदा जिले में कृषि महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा सिर्फ जुमला था।

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