महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम पर हुआ संवाद कार्यक्रम

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अनोखा तीर, हरदा। आज प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय में हम होंगे कामयाब पखवाड़ा के अंतर्गत घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ.अरुण सिकरवार के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महाविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ.सीपी गुप्ता ने कहा कि घरेलू हिंसा उत्पीड़न अधिनियम 2005 के बाद से महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार आया है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ गुंजाइश है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, उन्होंने कहा कि महिलाओं की हिंसा का एक बहुत बड़ा कारण जेंडर आधारित हिंसा है, अक्सर देखा जाता है कि पुरुष अपने आनंद के लिए शराब आदि का नशा करता है और उसका खामियाजा उसकी पत्नी और घर की अन्य महिलाओं को भोगना पड़ता है और साथ ही घरेलू हिंसा का एक बहुत बड़ा कारण महिला का महिला के द्वारा ही उत्पीड़न होता है, जबकि इस अधिनियम में केवल महिलाओं का पुरुषों के द्वारा किया गया उत्पीड़न शामिल है। डॉ धर्मेंद्र कोरी ने विद्यार्थियों से कहा कि समाज में सभी को बराबरी का हक होना चाहिए और उन्हें संरक्षित संवर्धित और सुरक्षित करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। छात्राओं की तरफ से स्वाति ढाका ने महिलाओं का मुद्दा उठाया और कहा कि महिलाएं किसी से काम नहीं है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए पुरुषों की तरफ नहीं देखना चाहिए बल्कि स्वयं को इतना ताकतवर बनाना चाहिए जिससे कि वे पुरुषों की बराबरी कर सकें। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ.रश्मि सिंह के द्वारा किया गया और आभार श्रीमती शीतल श्रीवास व्यक्त किया द्वारा गया।

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