अनोखा तीर, हरदा। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय हरदा के बुक लिफ्टर शिवचरण बघेल महाविद्यालय में 42 वर्ष की सेवाएं देने के उपरांत आज शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति हो गए। महाविद्यालय परिवार ने उनको भरे मन से विदाई दी और उन्हें उनके घर तक छोड़ने गए। इसके पूर्व इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अरुण सिकरवार ने कहा कि शिवचरण बघेला पुस्तकालय के आधार स्तंभ थे और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और ई-लाइब्रेरी जैसी सेवाएं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराते थे। अगले क्रम में बोलते हुए महाविद्यालय के प्रशासकीय अधिकारी वीके विछोतिया ने कहा कि यद्यपि मैं ग्रंथपाल हूं, किंतु उनके रहते हुए मुझे लाइब्रेरी की कभी चिंता नहीं हुई क्योंकि वे एक कुशल धाय मां की तरह पुस्तकालयरूपी बेटे की देखभाल करते थे। अगली कड़ी में बोलते हुए डॉ सीपी गुप्ता ने कहा कि बघेला जी का मृदुभाषी व्यवहार उन्हें अजातशत्रु बनाता है और वे रामचरितमानस की चौपाई मिलत एक दारुण दुख देहीं, विछुरत एक प्राण हर लेहीं।। की दूसरी पंक्ति को शब्दश: चरितार्थ करते हैं। इस समारोह के अवसर पर डॉ.संगीता बिले, डॉ.धीरा शाह, डॉ.निर्मला डोंगरे, डॉ.रश्मि सिंह, यशवंत अलावा, मनीष परसाई, आरके बिल्लोरे, आशीष शर्मा, योगेश चौहान, दिलीप ढोके, भगवती तिवारी आदि ने बोलते हुए उनके स्वस्थ्य और शतायु जीवन की कामना की। सबसे अंत में राजेश दीक्षित द्वारा आभार व्यक्त किया गया और कार्यक्रम का सफल संचालन बसंत सिंह राजपूत द्वारा किया।

