सचिव संघ एवं ग्रामीण आमने-सामने

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ग्राम पंचायत भगवानपुरा भ्रष्टाचार का मामल

अनोखा तीर, सिराली। ग्राम पंचायत भगवानपुरा में मनरेगा के तहत हुए भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक ओर सचिव एवं सहायक सचिव के विरुद्ध ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है तो दूसरी ओर सचिव संघ द्वारा भी ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की जा रही है। पंचायत में हुए भारी भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीण जांच न होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं, तो दूसरी और जांच टीम गठित कर जांच का भरोसा दिया जा रहा है।क्या है मामलाग्राम पंचायत भगवानपुरा भ्रष्टाचार को लेकर पूर्व में भी सुर्खियों में रही है, अब वर्तमान में सचिव एवं सहायक सचिव पर मस्टरोल के माध्यम से भ्रष्टाचार करने के आरोप लग रहे हैं, किंतु इन आरोपों को छिपाने के उद्देश्य से ग्रामीण पर झूठे आरोप लगाया जा रहे हैं, इसी बात को लेकर सचिव संघ द्वारा सोमवार को ग्रामीणों के विरुद्ध ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत में हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जा रही है। ग्रामीणों द्वारा सोमवार को थाना सिराली में ज्ञापन के माध्यम से बताया कि सरपंच सचिव शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।अगर शिकायत वापस ली जाती है तो छेड़छाड़ की शिकायत नहीं की जाएगी अन्यथा झूठे मामले में फसाने की धमकी दी जा रही है। हमारे साथ पूरा सचिव संघ है और तुम अपना आवेदन वापस ले लो ऐसा दबाव बनाया जा रहा है जिसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा थाना सिराली में की है।जनसुनवाई में की जाएगी शिकायतग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में हमारे द्वारा इस मामले को लेकर कलेक्टर हरदा को शिकायत की गई है। जांच टीम भी गठित हुई किंतु अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है और सरपंच सचिव के हौसले बुलंद है। मंगलवार को पुन: हम जनसुनवाई में जाकर इस मामले की शिकायत करेंगे, उसके बावजूद भी अगर कार्रवाई नहीं की गई तो कमिश्नर एवं पंचायत मंत्री को शिकायत की जाएगी। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करना और शासन के रुपए से हुई हेरा फेरी को उजागर करने का पूरा प्रयास करेंगे।सहायक सचिव दो बार हो चुकी है सस्पेंडग्रामीण एवं शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत भगवानपुरा में पदस्थ सहायक सचिव मिता सोलंकी पूर्व में भी भ्रष्टाचार को लेकर सस्पेंड हो चुकी है, किंतु आपसी सांठ गांठ के चलते बहाल हो गई और उनके द्वारा वर्तमान में भी मनरेगा कार्यो में मस्टरोल के माध्यम से भ्रष्टाचार किया जा रहा है।इनका कहना है…मेरे द्वारा ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत की गई है, जिस पर मुझ पर दबाव बनाया जा रहा है। किंतु मैं मामला उजागर कर कर ही रहूंगा। सहायक सचिव द्वारा भारी भ्रष्टाचार किया गया है। पूर्व में भी भ्रष्टाचार के मामले में बह सस्पेंड हो चुकी हैं। इस मामले की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ईओ डब्ल्यू मैं भी करूंगा।शिकायतकर्ता आनंद यादव, भगवानपुराइस संबंध में जानकारी लेने के लिए सचिव राजेश खोदरे से संपर्क करना चाह किंतु उनके द्वारा मोबाइल रिसीव नहीं किया गया।

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