राजस्व महाअभियान 2.0 के प्रगति की समीक्षा कर कलेक्टर ने दिए दिशानिर्देश
अनुपपुर:-कलेक्टर आशीष वशिष्ठ राजस्व अधिकारियों से कहा कि राजस्व महाभियान 2.0 के अंतर्गत राजस्व प्रकरणों का निराकरण गंभीरता के साथ कराएं। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में राजस्व प्रकरणों का गंभीरता पूर्वक निराकरण कर जिले का प्रदेश स्तर में बेहतर प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी राजस्व महाभियान के अंतर्गत कार्यों में लापरवाही बरतते हैं, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। कलेक्टर आशीष वशिष्ठ आज कलेक्टर कार्यालय के नर्मदा सभागार में राजस्व महाभियान के प्रगति की समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।
बैठक में अपर कलेक्टर अमन वैष्णव, संयुक्त कलेक्टर दिलीप कुमार पांडेय सहित संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने शेष खसरा से समग्र ईकेवाईसी की जानकारी नगरीय एवं ग्रामीण निकायवार प्राप्त की तथा अधिकारियों को अभियान चलाकर कैंप के माध्यम से निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप ईकेवाईसी कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने कैंप का निरीक्षण करने के निर्देश संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को दिए। नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को ईकेवाईसी कार्य के प्रगति की संख्यात्मक जानकारी प्रतिदिन व्हाट्सएप्प ग्रुप पर देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने अभिलेख दुरूस्तगी, नक्शा तरमीम, बंटवारा सहित अन्य राजस्व के प्रकरणों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने नक्शा तरमीम के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए लक्ष्य निर्धारित कर तहसीलवार कार्यों में प्रगति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन कार्य होने से प्रगति परिलक्षित होती है। कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन के प्राथमिकता का अभियान राजस्व महाअभियान 2.0 है। जिसके अंतर्गत समय-सीमा में प्रगति लाया जाना आवश्यक है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को कहा कि परिणाममूलक कार्य नही होने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने नक्शा तरमीम एवं ई-केवायसी अभियान में बेहतर कार्य करने तथा अभियान के सभी पैरामीटर के अनुरूप कार्य करने हेतु पटवारियों को ताकीद करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा के पुराने प्रकरणों का इस सप्ताह निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुभागवार राजस्व की लंबित प्रकरणों की समीक्षा की तथा अनुभाग कोतमा एवं जैतहरी में सबसे ज्यादा राजस्व के लंबित प्रकरण पाए गए। जिस पर कलेक्टर ने जल्द से जल्द लंबित प्रकरणों का निराकरण कर जिले की बेहतर स्थिति प्रदेश स्तर पर लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

