-विद्यार्थियों ने हॉस्टल की समस्या को लेकर कलेक्टर से लगाई गुहार
अनोखा तीर, रहटगांव। रहटगांव आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने परिजनों को परिसर में हो रही अनियमित्ताओं को लेकर चि_ी लिखी। जिसके बाद परिजनों द्वारा मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत करते हुए कहा कि आप हमारी होस्टल व स्कूल व आएं और हमारी समस्याओं को जाने व उनका समाधान करे। छात्राओं ने शिकायत की है कि पुस्तंके न होने के कारण हमारी पढ़ाई नहीं हो रही है, हमारे भौतिक विज्ञान व गणित के शिक्षक नहीं है। शौचालय में पानी नही रहता। साफ-सफाई भी नहीं होती। हॉस्टल में बच्चे बीमार हो रहे हैं, इनके लिए केयर टेकर की जरूरत है। गद्दे व थाली कम है। गौरतलब है कि एकलव्य आवासीय विधालय में पहले व्यवस्था बढ़िया थी, लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था चरमरा गई है। यहां आऊटसोर्स कर्मचारियो को भी हटा दिया गया है, जो कि स्थानीय थे।
जिनको भी बच्चों द्वारा जानकारी दी जाती थी, जिससे उन्हें दिक्कत नहीं होती थी। यहां 23 आऊटसोर्स कर्मचारियों को चयनित कर सेवा हेतु नियुक्त किया गया था। परन्तु एक वर्ष कार्य करने के बाद वर्तमान सत्र में बिना सूचना सेवा समाप्त का हवाला देते हुए संस्था से सेवा से वंचित कर रखा है। जबकि म.प्र. में अन्य जगह एकलव्य संस्था ने पुन: उन्हीं कर्मचारियों को नियुक्त किया है। जो पूर्व में संस्था में कार्यरत थे। ये कैसी विडम्बना है कि संस्था के नियम रहटगांव के लिए पृथक और अन्य जगह पृथक है। पूर्व में कलेक्टर को आउटसोर्स-स्टॉफ, केयरटेकर स्टॉफ, मेडिकल स्टॉफ, लेब स्टॉफ, गार्ड स्टॉफ, सफाई कर्मचारी, चपरासी, वोकेशनल ट्रेनर, इलेक्ट्रीकल स्टॉफ और स्टूडेंट कॉउंसलर आदि सभी ने आवेदन दिया था और मंगलवार को भी जनसुनवाई में आवेदन दिया। इस दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा बताया कि जन सुनवाई में आवेदन कलेक्टर को दिया था, जिसके बाद और अपर कलेक्टर ने आश्वासन देकर 10 दिन में सभी को वापिस बुलाने का आदेश और अनुबंध के नवीनीकरण का आदेश भी आदिम जाति कल्याण विभाग की जिला संयोजक कविता आर्या को दिया जाने की जानकारी मिली है।

