अनोखा तीर, संवाददाता- हरदा। इस साल वार्षिक परीक्षाओं में विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के कारण जहां परीक्षा परिणाम प्रभावित हुआ है। इसी के साथ उन क्षेत्रों में सघन अभियान प्रारंभ कर दिया गया है, ताकि ऐसे बच्चों को पुन: शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। इसके लिये जन शिक्षक अनूप शर्मा ने सरपंच प्रतिनिधी समेत जागरूक पालकों के साथ ग्राम जोगा कला,साल्याखेड़ी, उढ़ाल में विद्यार्थी तथा उनके पालको से व्यक्तिगत संपर्क किया गया। इस दौरान जागरूक पालको ंकी एक समिति बनाकर जिम्मेदारी तय की है। मिली जानकारी के अनुसार नर्मदा के तटीय ग्रामों में इन ग्रामों में अधिकांश परिवारों का अल्प पलायन डेम पर होता रहता है। जिसके चलते बच्चे परिवार के साथ चले जाते हैं। यही कारण है कि ऐसे बच्चों को नियमित बनाएंए रखने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। केन्द्र अंतर्गत इसके पहले भी कई अभियान चलाये जा चुके हैं। इतना ही नही, जन शिक्षक की पहल पर ऐसे बच्चों के पालकों को हंडिया तहसीलदार के माध्यम से नोटिस भी जारी कर चुके हैं। ज्ञात हो कि ग्राम रामपुरा कक्षा 5 में कुल दर्ज दो विद्यार्थी हैं। यहां परीक्षा में एक विद्यार्थी अनुपस्थित होने के कारण परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत पर सीमटकर रह गया। इसी प्रकार ग्राम जोगाकला की प्राथमिक शाला में 17 बच्चों की दर्ज संख्या है। यहां भी पहले पेपर में 13 बच्चों की अनुपस्थित ने परीक्षा परिणाम प्रभावित कर दिया। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के निर्देश पर जन शिक्षा केन्द्र की ऐसी शालाओं अंतर्गत संपर्क अभियान शुरू कर दिया है।
डेम पर पहुंचा अमला
डोर-टू-डोर संपर्क करने के बाद अभियान में शामिल शिक्षक व ग्रामीण किश्ती के जरिये डेम पर पहुंचे। जहां बच्चों के पालकों से मुलाकात की। वहीं कई बच्चों को वापस साथ लेकर आएं हैं। जबकि 3 बच्चे अभी भी डेम पर मौजूद हैं। जिन्हें वापस लाने के लिये प्रयास निरंतर जारी हैं।

शाम को चाौपाल लगाई
अभियान के अंतिम समय में ग्राम जोगा में शिक्ष चौपाल का आयोजन हुआ। इस मौके पर जनशिक्षक, शिक्षक , पालक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिी व उनके प्रतिनिधी उपस्थित रहे। इस दौरान इसी मुद्दे पर गहन मंथन किया गया। साथ ही बच्चों की शिक्षा बहाल रखने के लिये संयुक्त सहभागिता पर जोर दिया गया।
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