आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह शहर के वार्ड क्रमांक 1६ स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास के पास का दृश्य है। जहां आंगनवाड़ी के ठीक साइड में लगा हैंडपंप बीतें 6 माह से बंद पड़ा है। जिसके चलते स्थानीय लोगों को आपात समय में पानी की किल्लत रहती है। जबकि हैंडपंप बहाल रहते वक्त यहां से पानी की जरूरत को पूरा किया जाता था। लेकिन अब ये हैंडपंप महज शोपीस की भूमिका में है, साथ ही आवाजाही में बाधक महसूस होने लगा है। क्योंकि, हैंडपंप के बाजू से वहां रहने वाले लोगों का निकास है। स्थानीय लोगों के मुताबिक लंबे समय से खराब इस हैंडपंप के सुधार कार्य जरूरी है, ताकि नल नही आने की दशा में पानी की कमी को पूरा किया जा सके। लेकिन हैंडपंप खराब होने से पानी की कमी बरकरार है। जिसका समाधान करने की आवश्यकता है। फिलहाल बंद पड़े हैंडपंप को देखकर लोग कहना नही चूक रहे, कि यह बात गलत है।

