अनोखा तीर, देवास/खातेगांव। तेंदूपत्ता तुड़ाई का काम शुरू हो गया है। गुरुवार सुबह खातेगांव के विक्रमपुर सबरेंज अंतर्गत आने वाले आमला-हरणगांव के बीच जंगल में तेंदुए ने तेंदूपत्ता संग्राहक जगदीश पिता तेजराम माली पर हमला कर दिया। साथ में पत्ते तोड़ रहे अन्य ग्रामीणों के चिल्लाने और आग जलाने के बाद तेंदुआ वहां से भाग गया। जिसके बाद साथी घायल जगदीश को आमला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। यहां प्राथमिक उपचार किया गया। इसी बीच डिप्टी रेंजर सजनलाल वर्मा को जानकारी मिलने पर वे अपनी कार से घायल जगदीश को लेकर खातेगांव सरकारी अस्पताल पहुंचे। घायल जगदीश के शरीर पर कई जगह तेंदुए के नाखूनों के निशान साफ दिख रहे हैं। घायल जगदीश को इलाज के लिए हरदा जिला अस्पताल भेजा गया है। खातेगांव शासकीय अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टर्स के मुताबिक जगदीश की पीठ और जांघ पर तेंदुए के दांत के निशान हैं। शरीर के कुछ अन्य अंगों पर नाखून के निशान हैं। ऐसे केस में ग्रेड थ्री में आते हैं, जिनमें लगने वाले जरूरी इंजेक्शन यहां उपलब्ध नहीं है। इसलिए घायल को हरदा जिला अस्पताल रेफर किया गया है। गौरतलब है कि खातेगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फॉरेस्ट एरिया में तेंदुओं का लगातार मूवमेंट बना रहता है। ऐसे में तेंदूपत्ता संग्राहकों को हर पल चौकन्ना रहना पड़ता है। हालांकि जिले के अधिकारियों ने 16 मई से तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके क्षेत्र में दो दिन पहले से ही संग्राहक पत्तों की तुड़ाई करना शुरू कर चुके हैं।

