गणेश पांडे, भोपाल। 1989 बैच के आईएफएस एवं पीसीसीएफ संरक्षण डॉ दिलीप कुमार सेवानिवृति के दो महीने पहले विवादों के सुर्खियों में है। डॉ कुमार जब सीईओ एमएफपी पार्क में पदस्थ थे तब उन्होंने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए 22 लाख 1443 खर्च कर निजी प्रकाशक से अपने नाम से तीन पुस्तक का प्रकाशन करा लिया। इसके लिए न तो प्रकाशन के लिए मंजूरी ली गई और न भुगतान की स्वीकृति ली। मौजूदा सीईओ अर्चना पटेल के अनुसार पुस्तक की प्रिंटिंग हेतु संघ मुख्यालय से अनुमति लिए जाने के संबंध में इस कार्यालय में अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। लघु वनोपज संघ के एमएफपी पार्क में गड़बड़ियों की लंबी फेहरिस्त की कड़ी में यह एक अनोखा कारनामा प्रकाश में आया है। डॉ. कुमार 1999 बैच के आईएफएस वर्तमान में पीसीसीएफ संरक्षण के पद पर हैं और जुलाई में रिटायर होने जा रहें हैं। मामला वर्ष 2023 का है। तब डॉ.कुमार लघु वनोपज संघ के अतिरिक्त प्रबंध संचालक एवं एमएफपी पार्क के सीईओ थे। शासन ने 8 मई को मिली शिकायत पर वनोपज संघ से जवाब मांगा, तब खुलासा हुआ कि किताबों का कॉपीराइट अईएफएस दिलीप कुमार के पास हैं। शासन को भेजे गए सीईओ अर्चना पटेल के जवाब से मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में डॉक्टर कुमार से रिकवरी की जा सकती है। इसकी कार्यवाही भी शुरू हो गई है।
किताब कीमत प्रकाशन खर्च
हर्स एंड ट्राइम 1699 3,88,500
एडमिक स्पीशीस वॉल्यूम-1: 3499 : 10,74,302
एडमिक स्पीशीस वॉल्यूम 3499 : 7, 38,641
इनका कहना…
विस्तृत जांच कराई जा रही है। वेरिफिकेशन करा रहे हैं। रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। रिकवरी भी की जाएगी।
विभाष ठाकुर, एमडी लघु वनोपज संप

