आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह शहर सिविल लाइन स्थित पानी की टंकी के सामने का नजारा है। जहां सड़क किनारे खड़े पानी के टैंकर से पानी टपक रहा है, जो आसपास बहता हुआ दिखाई देगा। इस बारे में जागरूक शहरवासियों का कहना है कि जहां एक तरफ पानी को सहेजने के तमाम प्रयासों पर जोर दिया जाता है। वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ ओर ही बयां करती है। उन्होंनें यह भी कहा कि ये हाल केवल इसी जगह पर नही बल्कि अन्य जगहों पर अलग-अलग स्थिति में पानी व्यर्थ बहता नजर आ जाएगा। कहीं निजी पाइप लाइन फूटी है तो कहीं बगैर टोटी के नल से पानी बह रहा है। हालांकि, इन सबके बीच नागरिक पानी को बचाने की पैरवी करते हुए नजर आए। उन्होंनें कहा कि छोटी-मोटी चूक अथवा टूट-फूट पर दूसरों को यानि पड़ोसी अथवा स्थानीय लोगों को तुरंत संज्ञान लेने की जरूरत है। ऐसे हालात नजर आने पर संबंधितों को तुरंत आगाह करें। साथ ही जल की महत्वता पर प्रकाश भी डालें। क्योंकि ऐसे मुद्दों पर जनसहयोग अपेक्षित है। इसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त सहभागिता से भविष्य को सुरक्षित करने की कवायद है। फिलहाल ऐसे प्रयासों के अभाव में शिक्षित व जागरूक लोग कहीं ना कहीं बोल पड़ते हैं, कि यह बात गलत है।
Views Today: 2
Total Views: 78

