अनोखा तीर इंदौर:-हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सहायता, सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए 2015 में केंद्र सरकार द्वारा वन स्टाप सेंटर खोले गए थे। यहां पीड़ित महिलाओं को एक छत के नीचे ही चिकित्सा, पुलिस सहायता से लेकर काउंसलिंग तक करनी है। इंदौर में शुरू हुए वन स्टाप सेंटर में आंकड़े चौंकाने वाले है। यहां प्रतिदिन औसतन छह महिलाएं घरेलू और अन्य प्रकार से प्रताड़ित होकर मदद के लिए पहुंच रही हैं।
इंदौर के वन स्टाप सेंटर में आठ साल में 10 हजार 581 महिलाएं अलग-अलग तरह से प्रताड़ित होकर आ चुकी हैं। इनमें से छह हजार 661 महिलाओं की काउंसलिंग कर विवाद हल किया गया है। निर्भया केस के बाद न्यायालय के निर्देश पर देशभर में 18 वन स्टाप सेंटर खोले गए थे, जिसमें इंदौर भी शामिल था। इस वन स्टाप सेंटर पर पीड़ित महिलाओं को चिकत्सा, पुलिस, वकील, काउंसलर, आश्रय आदि की सुविधाएं मिलती है।
मार्च 2023 से अब तक 2386 महिलाएं पहुंची
सेंटर की प्रशासक वंचना सिंह परिहार ने बताया कि घरेलू व अन्य हिंसा से पीड़ित महिलाएं यहां आती हैं। महिलाओं की काउंसलिंग की जाती है। अगर इसके बाद भी महिलाएं नहीं जाती है तो पांच दिन रहने के लिए यहां आश्रय सुविधा भी है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में मार्च 2023 से अब तक दो हजार 386 महिलाएं वन स्टाप सेंटर पहुंची हैं। इनमें से 531 महिलाएं न्यायालय की शरण में गई, वहीं 43 महिलाएं आश्रय में रहीं। 61 महिलाओं को विधिक सहायता दी गई है। 1849 महिलाएं काउंसलिंग के बाद दोबारा घर लौट गई। 95 महिलाओं को पुलिस सहायता दी गई है।
1436 महिलाओं का समझौता
आठ महिलाओं को वन स्टाप सेंटर आने पर चिकित्सा सहायता भी दी गई है। 1436 महिलाओं का समझौता हो गया। 991 महिलाएं ऐसी भी रही है, जो 181 पर काल कर यहां पहुंची। औसतन हर दिन यहां पर छह महिलाएं किसी न किसी तरह से प्रताड़ित होकर यहां पहुंच रही हैं।


