अनोखा तीर भोपाल। राज्य सरकार ने प्रशिक्षण पर गए तीन आइपीएस अधिकारियों को अचानक वापस बुला लिया है। तीनों अधिकारियों को 40 दिन के इंडक्शन कोर्स के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी प्रशिक्षण पर भेजा गया था। प्रदेश में मई में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव, इसके पहले 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा और गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को देखते हुए उन्हें वापस बुलाया गया है। यह अधिकारी 10 जनवरी को वापस आ गए हैं। इनमें खरगोन के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव, बुरहानपुर के पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार और इंदौर देहात के एसपी सुनील मेहता शामिल हैं।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के चलते फैसला
बता दें कि यह प्रशिक्षण प्राप्त करना प्रत्येक अधिकारी के लिए आवश्यक होता है। अब लोकसभा चुनाव के बाद ही उन्हें दोबारा प्रशिक्षण पर भेजा जाएगा। प्रशिक्षण के बीच से इन्हें वापस बुलाने के पीछे शासन का तर्क यह है कि पुलिस अधीक्षक का पद कानून व्यवस्था की दृष्टि से बड़ी जिम्मेदारी वाला होता है। 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा है। इसके चार दिन बाद ही गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) है।
संवेदनशील सप्ताह
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था की दृष्टि से यह सप्ताह संवेदनशील है। पुलिस अधीक्षक को जिले के संवेदनशील (हाट स्पाट) क्षेत्रों की जानकारी रहती है। ऐसे में जिले में उनकी उपस्थित महत्वपूर्ण हो जाती है। शासन की ओर से इनके प्रशिक्षण के लिए नए सिरे से प्रस्ताव भेजा जाएगा।
तरुण पिथोड़े खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण के संचालक बने
राज्य सरकार ने 2009 बैच के आइएएस अधिकारी तरुण कुमार पिथोड़े को संचालक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण पदस्थ किया है। साथ ही प्रबंध संचालक मप्र राज्य भंडार गृह निगम भोपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। पिथोड़े पूर्व से ही प्रबंध संचालक राज्य नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल का कार्यभार संभाल रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को उनकी नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है।

