इंदौर-नागपुर फोरलेन मार्ग

निर्माणाधीन सिंचाई परियोजना
अनोखा तीर, हरदा। नये साल की आज पहली सुबह है। इसके एक दिन पहले यानि ३१ दिसम्बर साल का आखिरी दिन था, जहां रातभर जश्न का माहौल रहा। इस मौके पर लोगों ने वर्ष २०२३ को उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ विदा किया, वहीं अपने-अपने अंदाज में नववर्ष २०२४ का स्वागत भी किया। साथ ही गुजरते साल में क्षेत्र के खाते में दर्ज उपलब्धियों के साथ साथ नये साल में नई सौगातों का जिक्र किया गया, जो हर तरह से संतोषजनक साबित हुआ है। इस बारे में क्षेत्र के प्रबुद्धजनों का कहना है कि दो दशक पहले की तस्वीर से वर्तमान की तुलना करेंगे तो पाएंगे कि हरदा में मूलभूत सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। ग्रामीण सड़क, बिजली, सिंचाईं साधन समेत अधोसरंचना संबंधी विकास कार्यो ने यहां मूर्तरूप लिया है। लोक प्रबंधन से संबंधित कार्यो का सरलीकरण हुआ है, जो एक समय में कठिन प्रक्रिया का हिस्सा थी। लेकिन अब वही कार्य समय-सीमा में पूर्ण होना अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिये एक बड़ी राहत है। इन सबके अलावा घरों घर शौचालय, पक्का आवास, आपदाताओं के समय राहत, स्वास्थ्य की गारंटी समेत अन्य जमीनी कार्यो ने लोगों को बदलाव की अहसास कराया है। इतना ही नही, शहर समेत ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन गतिमान है। इसी तरह हाथठेला, रेहड़ी व फुटकर धंधा करने वालों को स्वरोजगार अंतर्गत सहायता राशि का क्रम जारी है। आधारभूत विकास कार्यो के मामले में भी हरदा अव्वल रहा है। गांव-गांव सड़कों का जाल या यूं कहें कि मुख्यालय से गांव को सीधे कनेक्ट किया है। नहरों का सीमेंटीकरण तथा जल संरक्षण की दृष्टि से श्रृंखलाबद्ध स्टॉपडेम से सिंचाईं साधन बढ़े हैं। वहीं प्रस्तावित सिंचाईं परियोजनाओं के धरातल पर उतरते ही यहां खुशहाल किसानों की संख्या में इजाफा होगा। इसके अलावा नये साल में दर्जनों पुल-पुलियाओं के अलावा सड़कों का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इन कार्यो में खिरकिया और भिरंगी में ओवरब्रिज निर्माण समेत पांच बड़े पुल भी बनना है। इन सबके मूर्तरूप लेते ही जहां नेशनल तथा स्टेट हाइवे पर डबल फाटक पर रूके रहने की झंझट से छुटकारा मिलेगा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क तथा पुल-पुलियाओं के बनने से ग्रामीण मार्गो पर आवागमन नही रूकेगा।
फोरलेन से शहर को राहत
जिले की सीमा से होकर गुजरा इन्दौर-नागपुर नेशनल हाइवे अब फोरलेन हाइवे में तब्दील हो रहा है। छोटी हरदा से टेमागांव तक फोरलेन आमजन को समर्पित किया जा चुका है। वहीं इन्दौर रोड पर फोरलेन का काम तेज गति से चल रहा है। निर्माण एजेंसी का दावा है कि नये साल में काम पूरा हो जाएगा। जानकारी के अनुसार फोरलेन का एक हिस्सा बहाल करने के फलस्वरूप शहर में हेवी ट्राफिक कम हुआ है। दरअसल, फोरलेन हाइवे से लंबे रूट के वाहन बाहर की बाहर निकल रहे हैं। इधर, फोरलेन बनने से क्षेत्र में विकास की प्रबल संभावनाओं को बल मिला है।
कृषि आधारित कार्यो की राह
बता दें कि जिला रेल कनेक्टिविटी सहित नेशनल हाइवे से जुड़ा है। इसके अलावा बिजली, पानी तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं यहां सहज उपलब्ध हैं। साथ ही कृषि प्रधान जिले में कृषि आधारित उद्योग-धंधों की राह अब आसान हुई है। जिसके चलते कृषकों को खासकर शिक्षित व युवा कृषकों के स्वप्न उड़ान भरने को तैयार हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां वेयर हाउसिंग, ग्रिडिंग प्लांट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, दुग्ध प्लांट, दाल मिल समेत अन्य कार्यो के लिये अवसर है। इस संबंध में जानकारों की मानें तो कृषि आधारित उद्योगों के लिये ग्राउंड तैयार है।
उधर, जश्न तो इधर श्लोकों की गूंज
इस अवसर पर लोगों ने गुजरते वर्ष २०२३ को उत्साह के साथ विदा किया। इस मौके पर जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन भी हुआ। वहीं रात साढ़े 11 बजे से आतिशबाजी का दौर शुरू हुआ, जो करीब ड़ेढ घंटे तक चला। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से पूरा आसमां जगमगा उठा। प्राप्त जानकारी के अनुसार रात 12 बजे लोगों ने एक-दूसरे को नये साल की बधाईयां पे्रषित कर नववर्ष २०२४ का स्वागत किया। इसी तरह सर्व ब्राह्मण सोशल वेलफेयर सोसायटी के आह्वान पर धर्मप्रेमीजनों ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। ३१ दिसम्बर को शाम 7 बजे एक साथ सैकड़ों स्थानों पर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। जिसे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बता दें कि लोगों ने बढ़-चढ़कर धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर अनुष्ठान के जरिये गुजरते साल को विदा किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सर्व ब्राह्मण सोशल वेलफेयर सोसायटी ने यह आयोजन रखा था। जहां उम्मीदों के अनुरूप बड़ी संख्या में लोग सहभागी बने।
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