अनोखा तीर, हरदा। एक ओर देश के प्रधानमंत्री द्वारा लगातार जनता से पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने तथा खान-पान में सादगी अपनाने की अपील की जा रही है। देश की जनता भी इन संदेशों को गंभीरता से लेकर उनका समर्थन कर रही है। वहीं दूसरी ओर हरदा में राजनीतिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों और बड़े आयोजनों में भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही देखने को मिल रही है, जिससे बड़ी मात्रा में ईंधन खर्च हो रहा है।
शुभम सूरमा ने ऐसे कृत्य की आलोचना करते हुए कहा कि दो दिनों तक चले ऐसे आयोजनों में सैकड़ों लीटर ईंधन की खपत हुई। साथ ही बड़े मंचों और तेलयुक्त व्यंजनों की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए गए। सूरमा का कहना है कि जब आम जनता को खर्च कम करने और ईंधन बचाने की सलाह दी जा रही है, तब जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों को भी स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। सूरमा ने कहा कि महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से आम नागरिक पहले ही परेशान हैं। ऐसे में नेताओं को अपनी कथनी और करनी में समानता रखते हुए सादगीपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए, ताकि जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए। सुझाव दिया गया कि राजनीतिक दलों को बड़े आयोजनों के स्थान पर अधिक से अधिक वर्चुअल कार्यक्रमों को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे ईंधन की बचत के साथ-साथ देश के सामने एक बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।
——————-
नेताओं को कथनी और करनी में समानता रखनी चाहिए : सूरमा

0 Views



