-पंचायत स्तर पर लगाए जाएंगे विशेष कैम्प
अनोखा तीर, हरदा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि तीन समान किश्तों में प्रदान की जाती है। योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए हितग्राहियों का ई-केवायसी, आधार लिंकिंग, बैंक खाते का डीबीटी इनेवल तथा फार्मर आईडी अपडेट होना अनिवार्य है। भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक वर्ष सभी हितग्राहियों का बायोमेट्रिक माध्यम से ई-केवायसी कराया जाना आवश्यक किया गया है। इसके तहत वर्ष 2026 के लिए ई-केवायसी पूर्ण करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को समय-सीमा में अभियान पूर्ण कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशानुसार ई-केवायसी की कार्यवाही सीएससी केन्द्रों पर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के माध्यम से की जाएगी। इसके अतिरिक्त पीएम किसान एप के जरिए फेस रिकग्निशन सुविधा का उपयोग कर स्वयं हितग्राही अथवा वीएनओ (विलेज नोडल ऑफिसर) द्वारा भी ई-केवायसी संपादित की जा सकेगी।
पंचायत स्तर पर विशेष कैम्प आयोजित होंगे
अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के क्लस्टर बनाकर पंचायत भवनों में विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे। नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी आवश्यक प्रचार-प्रसार कर किसानों की सुविधा के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कैम्पों में किसानों को पीएम किसान एप के माध्यम से ई-केवायसी करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सीएससी केन्द्रों को दिए जाएंगे लक्ष्य
जिला स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों की बैठक आयोजित कर प्रत्येक सीएससी केन्द्र को ई-केवायसी का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। साथ ही टीएल बैठकों में सीएससी केन्द्रों की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
पटवारियों को बनाया बीएनओ
योजना के अंतर्गत पटवारियों को बीएनओ नियुक्त किया गया है। पटवारीवार समीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए लंबित प्रकरणों का निराकरण कराया जाएगा। कृषि, पंचायत एवं अन्य विभागों के मैदानी अमले का उपयोग कर अभियान को गति दी जाएगी तथा संबंधित अमले को लक्ष्य आधारित जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
आधार लिंकिंग और सत्यापन पर भी रहेगा फोकस
अभियान के दौरान आधार एवं बैंक खाते की लिंकिंग की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से भी आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। सस्पेक्टेड हितग्राहियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने तथा लंबित सेल्फ रजिस्ट्रेशन प्रकरणों का सात दिवस के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सतत मॉनीटरिंग के निर्देश
पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्ट के माध्यम से अभियान की सतत समीक्षा की जाएगी। राजस्व अधिकारियों की बैठकों में इस विषय को स्थायी एजेंडा के रूप में शामिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा है कि 30 जून 2026 तक बायोमेट्रिक आधारित ई-केवायसी की कार्यवाही पूर्ण कराई जाए, ताकि पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त हो सके।
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