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Wednesday, 4 November 2026
यह बात गलत है हरदा

यह बात गलत है….

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आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह मुख्यालय स्थित नेताजी सुभाषचंद बोस नया बस स्टैंड है। जहां वर्षो पुराना भवन अब जर्जर हो चुका है। जिसके चलते प्लास्टर टूटकर नीचे गिर रहा है। वहीं कई जगहों पर लोहे के सरिये दिखाई देने लगे हैं। स्थिति यह है कि किसी दिन बड़े हादसे का डर रहता है। क्योंकि, जर्जर भवन खुद उसे ढहाने की कहानी बयां कर रहा है। बता दें कि शहर के बीचों बीच स्थित नया बस स्टैंड पर हर रोज लगभग डेढ़ सौ बसों का आना-जाना होता। ऐसे में स्टैंड परिसर में यात्रियों की संख्या भी अच्छी खासी रहती है। यह क्रम सुबह से प्रारंभ होकर देर शाम तक रहता है। इस बीच दोपहर में सर्वाधिक भीड़ रहती है। इस संबंध में बस स्टैंड से जुड़े सूत्र बताते है कि सालों पुराना भवन सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त उस जगह पर है, जहां से लोग आना-जाना करते हैं। बस इसीलिये चिंता की लकीर ताजा रहती हैं। हालांकि, भवन की दुर्दशा देखकर लोग स्वयं वहां से दूरी बना लेते हैं। परंतु बाहर शहर के लोग यह बस स्टैंड का ये हाल देखकर कह ही देते हैं, कि यह बात गलत है।

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