भोपाल। पर्यावरणीय नुकसान के मद्देनजर बड़ी झील पर बीते करीब तीन माह बंद से क्रूज और मोटरबोट फिर से तालाब की लहरों पर अठखेलियां करते हुए दिखाई दे सकते हैं। ऐसी उम्मीद मप्र पर्यटन विकास को है।
मप्र पर्यटन विकास निगम (एमपीटीडीसी) को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट नए साल में भोपाल की अपर लेक और शिवपुरी की सांख्य सागर झील पर क्रूज और मोटरबोट पुन: चलाने की इजाजत दे देगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इस साल 14 सितंबर को बोट क्लब भोपाल समेत शिवपुरी में स्थित सांख्या सागर झील पर क्रूज और मोटरबोट के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रतिबंध के कारण बोट क्लब पर एमपीटीडीसी को पिछले तीन महीनों में कम से कम 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।इसके साथ ही स्थल ने अपना मुख्य आकर्षण खो दिया है। क्रूज और मोटरबोट अभी बोट क्लब पर ही खड़े हुए हैं और सैलानी सिर्फ उन्हें निहार पा रहे हैं।
नेशलन ग्रीन ट्रिब्यूनल ने (एनजीटी) ने रामसर स्थलों के रूप में नामित आर्द्रभूमि में जल निकायों में सभी मोटर चालित बोट के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से एमपीटीडीसी द्वारा भोपाल की बड़ी झील पर संचालित लेक प्रिंसेस क्रूज और छह मोटरबोट और सांख्य सागर पर एक मिनी क्रूज और दो मोटरबोट का संचालन बंद हो गया है। एमपीटीडीसी के जल और साहसिक खेल के तकनीकी सलाहकार कमांडर राजेंद्र निगम ने बताया कि हमने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें हमारे लिए एनजीटी के आदेश में ढील देने की मांग की गई है,क्योंकि हमारे मोटरबोट और क्रूज गैर-प्रदूषणकारी हैं और हम सभी प्रदूषण मानदंडों का सख्ती से पालन करते हैं।उन्होंने कहा कि याचिका पर जनवरी में सुनवाई हो सकती है।
इलेक्ट्रिक नौकाओं के संचालन की तैयारी
राजेंद्र निगम ने बताया कि हम इलेक्ट्रिक नौकाओं को संचालित करने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन इसके लिए भी हमें सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी की आवश्यकता होगी, क्योंकि एनजीटी ने सभी मोटर चालित जहाजों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है।निगम ने कहा कि लेक प्रिंसेस पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है। लगभग हर दिन क्रूज़ को जन्मदिन की पार्टियों, प्री-वेडिंग शूट, फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग आदि के लिए बुक किया जाता था। उन्होंने कहा कि राजस्व हानि एमपीटीडीसी के लिए प्रमुख मुद्दा नहीं है।हमारी मुख्य चिंता सौ से अधिक लोगों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का नुकसान और प्रमुख पर्यटक स्थल का आकर्षण कम होना है। क्रूज के संचालन के लिए लगभग 20 व्यक्ति कार्यरत हैं और 40 से अधिक स्ट्रीट-फूड की दुकाने हैं। अगर ऊपरी झील पर नावों का संचालन फिर से शुरू नहीं किया गया तो वे सभी बेरोजगार हो जाएंगे। वर्तमान में बड़ी झील पर केवल पैडल नावें ही चल रही हैं।
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